मुज़फ़्फ़रनगर। भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन लगातार अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में आज एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पानीपत पीसीपीएनडीटी टीम (हरियाणा) ने गुप्त सूचना के आधार पर मुज़फ़्फ़रनगर जनपद के रामपुर गाँव में छापेमारी की, जहाँ अवैध रूप से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के संचालन की जानकारी मिली थी। टीम ने मौके पर दबिश देते हुए एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद की, जो अनीस अहमद, पुत्र खलील अहमद, निवासी देवबंद, जिला सहारनपुर के कब्जे से प्राप्त हुई। कार्रवाई के दौरान मशीन को तुरंत ज़ब्त कर लिया गया और आरोपी के खिलाफ प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नॉस्टिक टेक्निक्स (PCPNDT) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराते हुए संबंधित थाने में एफ़आईआर दर्ज की गई। वर्तमान में पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।छापेमारी दल में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। इनमें पानीपत (हरियाणा) से पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. अभय बतस, डॉ. ललित कुंदू, महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. ज्योति, वहीं मुज़फ़्फ़रनगर (उ.प्र.) से एसीएमओ डॉ. प्रशांत कुमार और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. विपिन कुमार शामिल रहे। इस संयुक्त टीम ने सतर्कता और सख़्ती से कार्रवाई को अंजाम दिया।मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने इस पूरी कार्रवाई की सराहना की और कहा कि भ्रूण लिंग परीक्षण न केवल कानूनन अपराध है बल्कि समाज में बेटियों के अस्तित्व के लिए एक गंभीर ख़तरा भी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी ताकि समाज में ऐसी प्रवृत्तियों को समाप्त किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि बेटियों को बचाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए समाज को संवेदनशील होना होगा।उन्होंने जनसाधारण से अपील की कि यदि कहीं भी अवैध अल्ट्रासाउंड मशीन अथवा भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह कदम न केवल कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ाएगा।ग़ौरतलब है कि भ्रूण हत्या समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि बेटियों के जन्म पर अंकुश लगाकर लैंगिक असमानता को भी बढ़ाता है। सरकार लगातार “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को सफल बनाने के लिए प्रयासरत है और इस दिशा में की गई यह कार्रवाई निश्चित रूप से एक अहम कदम है। स्वास्थ्य विभाग का यह संदेश स्पष्ट है कि समाज में ऐसी कुप्रथाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मुज़फ़्फ़रनगर में हुई यह छापेमारी इस बात का संकेत है कि प्रशासन भ्रूण लिंग परीक्षण जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए गंभीर है। इस अभियान से न केवल भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा पर रोक लगेगी बल्कि बेटियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने की दिशा में समाज को नई दिशा मिलेगी। जनता से अपेक्षा की जा रही है कि वह भी आगे आकर प्रशासन का सहयोग करे और इस नेक अभियान का हिस्सा बने।















