जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 44 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। पार्टी ने इस बार संतुलन साधने की कोशिश की है, जिसमें जहां वर्तमान विधायकों को दोबारा मौका दिया गया है, वहीं कई नए चेहरों को भी मैदान में उतारा गया है। जदयू की रणनीति साफ दिखाई दे रही है कि वह पुराने नेताओं के अनुभव और नए उम्मीदवारों की युवा ऊर्जा के मिश्रण से जनता का भरोसा जीतना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने इस सूची में चार मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देकर अल्पसंख्यक वर्ग को साधने की भी कोशिश की है। इसके अलावा कुछ सीटों पर जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया गया है। जदयू ने जिन विधायकों को दोबारा मौका दिया है, उनमें अधिकांश वे हैं जिन्होंने अपने क्षेत्र में संगठन और जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाए रखी है। वहीं नए उम्मीदवारों में युवा और समाजसेवी वर्ग से जुड़े चेहरे शामिल किए गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह सूची जदयू की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा है, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और सुशासन की छवि को सामने रखते हुए पार्टी ने हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। आगामी चुनाव में एनडीए गठबंधन के तहत जदयू की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी का लक्ष्य राज्य में अपनी स्थिति को और मजबूत करना है ताकि वह सत्ता में निर्णायक भूमिका निभा सके।















