लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को समाजवादी पार्टी के विधायकों ने जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को बचाने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान चरथावल विधानसभा क्षेत्र से विधायक पंकज मलिक भी हाथ में तख्ती लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए और विश्वविद्यालय के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
विधानसभा परिसर में प्रदर्शन के दौरान पंकज मलिक ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि यह हजारों विद्यार्थियों के भविष्य, उच्च शिक्षा और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी प्रकार के राजनीतिक द्वेष या प्रतिशोध की भावना से कार्य करने के बजाय छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र, शिक्षक और कर्मचारी भविष्य को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि वह शिक्षा संस्थानों की गरिमा बनाए रखे और उनके सुचारु संचालन के लिए सकारात्मक कदम उठाए। उनका कहना था कि शिक्षा के मंदिरों को राजनीतिक विवादों का केंद्र बनाने के बजाय उन्हें सुरक्षित, सशक्त और विकासोन्मुख बनाया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सरकार से मांग की कि विश्वविद्यालय से जुड़े सभी मामलों का समाधान निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से किया जाए तथा छात्रों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी विधायकों ने शिक्षा, रोजगार और अन्य जनहित के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
विधानसभा परिसर में हुए इस प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने सरकार के समक्ष शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। जौहर विश्वविद्यालय का मुद्दा एक बार फिर सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रहा।























































