जम्मू-कश्मीर CM उमर अब्दुल्ला का बड़ा ऐलान, इन परिवारों की करेगी मदद

जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित भूमिहीन परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आपदा पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार ऐसे परिवारों को आवासीय उद्देश्य के लिए जमीन पट्टे पर देगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह जमीन पूरी तरह नि:शुल्क होगी और इस पर किसी प्रकार का अधिभार नहीं लिया जाएगा। सरकार ने इस फैसले को लागू करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित भूमिहीन परिवारों को 40 वर्षों के पट्टे पर पांच-पांच मरला जमीन आवंटित करने की मंजूरी दी गई है। यह कदम उन परिवारों के लिए बेहद अहम है, जिनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है और जो बाढ़, भूस्खलन या अन्य आपदाओं के कारण बेघर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ तात्कालिक राहत देना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को स्थायी और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।सीएम ने उधमपुर जिले का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया कि वहां अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से 6,400 से अधिक परिवार प्रभावित हुए थे। इन परिवारों को सरकार की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है, ताकि वे अपने जीवन को फिर से पटरी पर ला सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा पीड़ितों के दर्द को समझती है और उनकी हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी सरकार आपदा प्रबंधन और पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी और यह फैसला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

बीजेपी विधायक को दिया जवाब

विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सदस्य बलवंत सिंह मनकोटिया के प्रश्न के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने इसकी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने और भूकंप के कारण बेघर हुए प्रत्येक भूमिहीन परिवार को पांच मरला (1.60 एकड़) सरकारी भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया है जिसके बाद दो जनवरी को सरकारी आदेश जारी किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए सरकार इस योजना पर लगातार कार्य कर रही थी जिसके बाद इस फैसले को अमल में लाया गया.

40 वर्षों के लिए प्रति मरला 10 रुपये वार्षिक किराया तय

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लाभार्थियों को 40 वर्षों के लिए प्रति मरला 10 रुपये वार्षिक भूमि किराया देना होगा. 40 वर्ष की अवधि को सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से नियमों के अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उधमपुर जिले में प्रभावित 6,400 से अधिक परिवारों को 23.49 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा आपदा से सड़कों और दूसरी चीजों को जो नुकसान हुआ है उस पर भी काम किया जा रहा है. सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है. साथ ही जो इलाके सड़कों से कट गए हैं उन्हें भी जोड़ा जा रहा है.

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