मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच शनिवार रात हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए, जब इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान में एक बड़े तेल डिपो पर हवाई हमला कर दिया। इससे कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि “आज की रात ईरान के लिए सबसे बुरी रात साबित होगी।” ट्रंप के इस बयान के बाद शुरू हुए हमलों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी और इजराइली विमानों ने तेहरान के तेल भंडारण केंद्र को निशाना बनाया, जो देश के ऊर्जा ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हमले के बाद ऑयल स्टोरेज टैंकों में भीषण आग लग गई और आसमान में धुएं का विशाल गुब्बार उठता दिखाई दिया।
Iran | An entire oil depot has been blown up in an attack in Tehran!!#TehranAttack pic.twitter.com/NNFHXmvpNf
— Priyali (@Radhak102) March 8, 2026
हमले के बाद सामने आई फुटेज में आग की ऊंची-ऊंची लपटें और घना धुआं साफ देखा जा सकता है। हालांकि इस हमले से हुए नुकसान का पूरा आकलन अभी तक नहीं हो पाया है, लेकिन इसे तेहरान पर अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि इस हमले का जवाब देते हुए उन्होंने इजराइल के हाइफ़ा शहर में स्थित एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया। ईरान ने तेल डिपो और रिफाइनरी जैसे महत्वपूर्ण ढांचों पर हमले को आक्रामकता और आतंकवाद करार दिया है। कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस तरह के हमले सीधे तौर पर युद्ध की श्रेणी में आते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऊर्जा ढांचे पर हमले का उद्देश्य केवल सैन्य नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि आम नागरिकों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना भी हो सकता है। इससे ईरान के लोगों में डर पैदा करने और यह संदेश देने की कोशिश हो सकती है कि उनकी सरकार उन्हें सुरक्षित नहीं रख पा रही है। इससे पहले भी इजराइल पर आरोप लगते रहे हैं कि उसने यमन में बड़े तेल डिपो और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया था। पिछले सप्ताह एक स्कूल पर हुए हमले में 100 से अधिक बच्चों की मौत की खबर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया था।
इस बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। युद्ध के आठवें दिन ईरान ने इजराइल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र के कई इलाकों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दुबई, सऊदी अरब और इजराइल की ओर कई ड्रोन और मिसाइल दागे गए। वहीं लेबनान की तरफ से हिजबुल्लाह संगठन द्वारा भी इजराइल पर ड्रोन हमले किए जाने की खबरें सामने आई हैं। लगातार बढ़ते हमलों के कारण पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है।















