ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने हमास के ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड की एक बार फिर सराहना की है. हमास के 7 अक्टूबर के अटैक की पहली बरसी पर खामनेई ने एक्स पर इजराइली भाषा हिब्रू में लिखा, “ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड ने ज़ायोनी शासन को 70 साल पीछे धकेल दिया.ये पहली बार नहीं है जब अली खामनेई ने हमास के ऑपरेशन की सराहना की है इस पिहले पिछले हफ्ते शुक्रवार को दिए गए अपने भाषण में अली खामनेई ने हमास और हिजबुल्लाह की तारीफ की थी और कहा था कि इजराइल लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा.1948 में इजराइल अपनी स्थापना के समय अरब का एक कमजोर देश था, जो अमेरिकी मदद के बिना फिलिस्तीनियों के सामने टिकने की ताकत नहीं रखता था. इजराइल को इस पूरे युद्ध के दौरान भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है, उसका पर्यटन और बंदरगाहों से होने वाला कारोबार ठप हो गया है. विद्रोही गुटों से सुरक्षा के लिए उसको अरबों डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं, दूसरी ओर कूटनीतिक तौर पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल कमजोर हो गया है. खामनेई के इस ट्वीट से लग रहा है कि को 70 साल पीछे धकेलने वाली बात उन्होंने इजराइल के इसी नुकसान के ऊपर कही है.
मध्य पूर्व विवाद में बड़ा चेहरा बन रहे खामनेई
इजराइल गाजा जंग के शुरुआत से ही खामेनेई मुखर हो कर विद्रोही गुटों की प्रशंसा करते रहे हैं. खामनेई के भाषण और ट्वीट इजराइल के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे रेसिस्टेंस ग्रुप के लिए इंस्पिरेशन का काम करते हैं. हालिया समय खामनेई ने पूरे अरब वर्ल्ड में खुद को एक शक्तिशाली नेता के तौर पर पेश किया है और शुक्रवार के उनके भाषण से जाहिर हुआ कि वे सिर्फ शिया गुटों तक सीमित नहीं बल्कि उनकी प्रशंसा सुन्नी अरब वर्ल्ड में भी बढ़ रही है.
फारसी के साथ अरब में भी दिया था भाषण
पिछले हफ्ते शुक्रवार को अली खामेनेई ईरान के हजारों लोगों के सामने आए. इस दौरान उन्होंने अपना लगभग आधा भाषण अरबी में दिया, ईरान में ज्यादातर लोग फारसी समझते और बोलते हैं. जाहिर उन्होंने अपने भाषण का ये हिस्सा उन्होंने अरब देशों की जनता को ध्यान में रखकर दिया.जानकार मानते हैं कि शिया और सुन्नी या अलग-अलग गुटों के मध्य पूर्व में कई नेता है, लेकिन पूरे अरब का इस वक्त कोई एक नेता नहीं है. जिसकी आवाज पूरे अरब में सुनी और मानी जाए, खामनेई इसी खाई को भरने के लिए आगे बढ़ रहे हैं और उनकी लोकप्रियता दिन बा दिन बढ़ती जा रही है.















