अमेरिकी ठिकाने पर हमले के बाद जॉर्डन की जनता से बोला ईरान,

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता खत्म होने के बाद से फिर से तनाव बढ़ गया है. दोनों एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं. इस बीच ईरान की बेहद मजबूत ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने पर हमले के बाद वहां की जनता के नाम जारी बयान में हमले की बात स्वीकार करते हुए कहा कि हमारा जॉर्डन के साथ कोई दुश्मनी नहीं है. यहां के अमेरिकी एयरबेस का हमारे खिलाफ इस्तेमाल किया गया था, इसलिए हमला किया गया.

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी एयर बेस को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया. उनका दावा है कि इस बेस का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया गया था. हमले के बाद IRGC ने बयान जारी कहा, “आज तड़के ‘नस्र-2’ ऑपरेशन (Nasr-2 operation) की दूसरी लहर के तीसरे चरण में, ‘या लिसारात अल-हुसैन’ के नारे के साथ हमारे लड़ाकों ने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी एयरपोर्ट पर मौजूद अहम सैन्य ठिकानों और अमेरिकी सेना के ठहरने के स्थानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना साधा गया.”

जॉर्डन से कोई दुश्मनी नहींः IRGC

इससे पहले, जॉर्डन की ओर से कहा गया कि उसने अपनी सीमा में घुसी ईरान की 4 मिसाइलों को मार गिराया. हालांकि हमले में किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई जानकारी नहीं है.जॉर्डन की जनता के नाम जारी एक बयान में IRGC ने कहा कि ईरान की जॉर्डन से कोई दुश्मनी नहीं है और उन्होंने वहां के लोगों से अमेरिकी सैन्य एयरबेस को हटाने की मांग करने को कहा. IRGC ने आगे कहा, “हमारा दावा है कि इसी अमेरिकी एयरबेस का इस्तेमाल हमारे खिलाफ हमले करने के लिए किया गया था और इस कार्रवाई के जरिए अमेरिकी सैनिकों को उनके हमलों का जवाब दिया गया. बयान में आगे यह भी दावा किया गया है कि ईरान के साथ शुरू हुए हमलों के पहले दिन अमेरिका ने इसी एयरबेस का इस्तेमाल कर मीनाब शहर में 186 मासूम स्कूली बच्चों और उनके शिक्षकों की निर्मम हत्या कर दी थी.”

‘US ठिकानों को हटाने की मांग करे जनता’

IRGC ने जॉर्डन की जनता से अपील करते हुए कहा कि हमारा जॉर्डन के साथ कोई दुश्मनी नहीं है. हम जॉर्डन की सम्मानित जनता का सम्मान करते हैं. आप फिलिस्तीनी जनता के दर्द और उनके साथ हुए अत्याचार को अच्छी तरह समझते हैं. आप गाजा में करीब 70,000 फिलिस्तीनियों, जिनमें 20,000 बच्चे भी शामिल हैं, की हत्या से भी परिचित हैं. बयान के जरिए इस हमले पर अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई बताया गया है.बयान में यह भी कहा गया कि यदि जॉर्डन की जनता क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हटाने की मांग करती है, तो इससे फिलिस्तीनी लोगों की मदद होगी और पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल करने में योगदान मिलेगा. बयान के अंत में कहा गया है, “जॉर्डन की तरक्की और सम्मान हमारी कामना है. यदि तुम अल्लाह की मदद करोगे, तो अल्लाह तुम्हारी मदद करेगा और तुम्हें मजबूती देगा.”

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