सहारनपुर, जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चल रहे जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मुख कैंसर स्क्रीनिंग अभियान के अंतर्गत सभी संदिग्ध मरीजों का फिजिकल व क्लीनिकल परीक्षण कर डिजिटल डेटा सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के तहत लंबित भुगतान को गंभीरता से लेते हुए पुंवारका और सढौली कदीम के एमओआईसी का वेतन रोकने व स्पष्टीकरण मांगने के आदेश दिए।
कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने, टीबी स्क्रीनिंग को ब्लॉकवार अपडेट करने, और निक्षय पोर्टल पर फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। टीबी मरीजों को कम से कम एक माह की दवा उपलब्ध कराना, आशा कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों को भरना और वीएचएसएनडी सत्रों में आवश्यक वेट मशीनों की व्यवस्था को अनिवार्य बताया गया।
जिलाधिकारी ने डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम हेतु नियमित फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए कहा कि डेंगू स्रोत वाले घरों पर जुर्माना भी लगाया जाए।
चिकित्सकों को अपने तैनाती स्थल पर निवास करने का निर्देश देते हुए कहा गया कि प्रसव शत-प्रतिशत संस्थागत हों। घर पर प्रसव कराने पर संबंधित एएनएम के विरुद्ध कार्रवाई होगी। स्टिल बर्थ की सूचना दर्ज कर आशा व एएनएम की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
टीकाकरण कार्यक्रम में लापरवाही पर एमओआईसी रामपुर मनिहारान से जवाब तलब किया गया। टीकाकरण स्थलों पर जनजागरूकता और सामुदायिक बैठकें कराने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी बल दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, सीएमएस डॉ. इंद्रा, जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती शिवांका गौड़ सहित सभी सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सक उपस्थित रहे।















