मुजफ्फरनगर। जनपद में महिला एवं बाल सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ द्वारा थाना मंसूरपुर स्थित मिशन शक्ति केंद्र एवं साइबर सेल का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान महिला सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं, शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया और थाने में दर्ज शिकायतों की गहन समीक्षा की गई। इस अवसर पर शिकायत रजिस्टर में दर्ज मामलों की प्रविष्टियों, उनके निस्तारण की स्थिति तथा कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया गया।निरीक्षण के दौरान मिशन शक्ति केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं की जांच करते हुए पुलिस अधीक्षक अपराध ने महिला फरियादियों को दी जा रही सहायता, परामर्श व्यवस्था और गोपनीयता से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। शिकायत लेकर आने वाली प्रत्येक पीड़िता के साथ संवेदनशीलता, सहानुभूति और प्रोफेशनल रवैये के साथ व्यवहार करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके पश्चात साइबर सेल का निरीक्षण किया गया, जहां ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध और डिजिटल माध्यम से होने वाले उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की गई। साइबर सेल में प्राप्त शिकायतों की जांच प्रगति, लंबित मामलों और उनके निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली गई। साथ ही रजिस्टर के सुचारू रख-रखाव, समयबद्ध अपडेट और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक अपराध ने निर्देश दिए कि साइबर अपराध से पीड़ित लोगों को त्वरित राहत दिलाने के लिए तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए और मामलों में अनावश्यक देरी न हो।निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की उदासीनता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, गति और निष्पक्षता तीनों का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही पीड़ितों को उनकी शिकायत की प्रगति की जानकारी समय-समय पर दी जाए, जिससे उनमें पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास बना रहे।
इस अवसर पर थाना मंसूरपुर में तैनात प्रशिक्षु आरक्षियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्हें बताया गया कि प्रारंभिक स्तर पर ही सही कार्यशैली अपनाना, कानून की जानकारी रखना और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करना एक अच्छे पुलिसकर्मी की पहचान है। महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रावधानों, प्रक्रिया और व्यवहारिक संवेदनशीलता की जानकारी भी दी गई।निरीक्षण के दौरान प्रभारी निरीक्षक मंसूरपुर आनन्द देव मिश्र सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन का यह कदम महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और पारदर्शी शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
















