मुजफ्फरनगर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने नगर क्षेत्र और विकास खंड बघरा के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों की उपस्थिति, शैक्षिक स्तर, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, बच्चों की यूनिफॉर्म स्थिति और पेयजल एवं शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकांश विद्यालयों की स्थिति संतोषजनक पाई गई, हालांकि कुछ खामियां भी उजागर हुईं।नगर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय खांजापुर में निरीक्षण सुबह 9:45 बजे किया गया। यहां स्टाफ पूरा मौजूद था और 287 नामांकित बच्चों में से 257 उपस्थित मिले। विद्यालय का शैक्षिक स्तर और भौतिक स्थिति संतोषजनक पाई गई। अधिकतर बच्चे यूनिफॉर्म में थे। मध्यान्ह भोजन भी निर्धारित मेन्यू के अनुसार बनाया जा रहा था, लेकिन दुग्ध वितरण में गंभीर कमी देखी गई। उपस्थित बच्चों के अनुपात में 31 किलो दूध की आवश्यकता थी, जबकि केवल 12 किलो दूध ही उपलब्ध बताया गया। इसे अत्यंत खेदजनक मानते हुए संबंधित इं.अ. के खिलाफ अलग से कार्यवाही की जा रही है।प्राथमिक विद्यालय जागाहेड़ी (बघरा) में 10:18 बजे निरीक्षण हुआ, जहां सभी शिक्षक मौजूद थे। 43 नामांकित बच्चों में से 31 उपस्थित मिले। यहां बच्चे आंशिक रूप से यूनिफॉर्म में थे। मध्यान्ह भोजन की पुष्टि बच्चों से की गई और यह तय मेन्यू के अनुसार ही बनाया जा रहा था। विद्यालय की भौतिक स्थिति भी संतोषजनक रही।उच्च प्राथमिक विद्यालय काजीखेड़ा (बघरा) में 10:28 बजे निरीक्षण हुआ। यहां स्टाफ पूरा मौजूद था और 52 में से 48 बच्चे उपस्थित पाए गए। विद्यालय की स्थिति अच्छी थी और बच्चों ने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को सही बताया।इसी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय काजीखेड़ा में 10:50 बजे निरीक्षण किया गया। इस समय प्रधानाध्यापिका अर्चना रानी चिकित्सावकाश पर और सहायक अध्यापिका रेनू आकस्मिक अवकाश पर पाई गईं। शेष स्टाफ उपस्थित था। विद्यालय में 91 में से 85 बच्चे मौजूद मिले। यहां भी यूनिफॉर्म, मध्यान्ह भोजन और बुनियादी सुविधाएं संतोषजनक रहीं।प्राथमिक विद्यालय तितावी-1 में 11:12 बजे निरीक्षण हुआ। 156 में से 146 बच्चे उपस्थित थे। विद्यालय की व्यवस्था ठीक पाई गई और मध्यान्ह भोजन गुणवत्ता अनुसार बनाया जा रहा था। तितावी-2 विद्यालय में 151 में से 141 बच्चे मौजूद थे और स्थिति वहां भी संतोषजनक रही।उच्च प्राथमिक विद्यालय तितावी (बघरा) में 11:34 बजे निरीक्षण किया गया। यहां 200 में से 189 बच्चे उपस्थित मिले। विद्यालय की भौतिक और शैक्षिक स्थिति संतोषजनक रही। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय धनसैनी (बघरा) में 12:20 बजे 118 में से 113 बच्चे मौजूद थे और विद्यालय का शैक्षिक स्तर अच्छा पाया गया।निरीक्षण के दौरान ब्लॉक संसाधन केंद्र तितावी (बघरा) का भी दौरा किया गया। यहां सभी कर्मचारी उपस्थित थे और निपुण भारत मिशन के तहत एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण (26 से 30 अगस्त 2025) संचालित हो रहा था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान शिक्षकों से बातचीत की गई और उनके विचार साझा किए गए। बीएसए ने बताया कि हर शिक्षक का पढ़ाने का तरीका अलग होता है, इसलिए एक–दूसरे से सीखने और प्रश्नोत्तर करने की प्रक्रिया जरूरी है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों पर विशेष ध्यान दें और उन्हें खेल, कहानी, टीएलएम और गतिविधियों के जरिए पढ़ाई से जोड़ें ताकि उनमें सीखने की रुचि बढ़ सके।इस निरीक्षण से साफ हुआ कि अधिकतर विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था संतोषजनक है, लेकिन दुग्ध वितरण जैसी व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि खामियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी और बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।















