पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसने आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को हस्पताल में शिफ्ट कर दिया है. धरना स्थल के पास बने अस्थाई हस्पताल में उन्हें जरूरी मेडिकल सुविधा दी जा रही है.केंद्र सरकार ने भी बताया कि उसके प्रतिनिधि 14 फरवरी को किसानों से बातचीत करेंगे. इस स्थिति पर संतोष जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई फरवरी के अंत तक के लिए टाल दी. दरअसल, केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रिय रंजन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) व किसान मजदूर मोर्चा के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनसे मेडिकल हेल्प लेने की अपील भी की. इसके बाद 14 फरवरी को एक बैठक करने का फैसला लिया गया.
सुप्रीम कोर्ट ने संतोषजनक समाधान निकलने की जताई उम्मीद
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने उम्मीद जताई कि पूरे मामले का संतोषजनक समाधान निकाल सकेगा. बेंच ने पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी के खिलाफ शुरू की गई अवमानना की कार्रवाई को भी फिलहाल स्थगित कर दिया है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने किसान नेता डल्लेवाल को हॉस्पिटल न भेजने के लिए पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी.
खनौनी और शंभू बॉर्डर पर किसान कर रहे धरना प्रदर्शन
पिछले साल फरवरी से ही पंजाब के आंदोलनकारी किसान हरियाणा से लगने वाले खनौरी और शंभु बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी समेत कई मांगों को लेकर जगजीत डल्लेवाल ने 26 नवंबर से आमरण अनशन शुरू किया था. उनके अनशन को 55 दिन से अधिक समय हो गया है. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बनाई गई हाई पावर्ड कमिटी भी उनसे मुलाकात कर चुकी है, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हुआ है.















