मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए इंडिगो 3 मार्च को जेद्दा से कई भारतीय शहरों के लिए 10 विशेष राहत उड़ानें संचालित करेगा। इस बात की जानकारी नागर विमानन मंत्रालय ने दी है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये उड़ानें आवश्यक मंजूरियों और क्षेत्र में हवाई क्षेत्र की वर्तमान स्थितियों पर निर्भर करेंगी।
हमलों के बाद एयर स्पेस बंद कर दिया गया था
बता दें 28 फरवरी को अमेरिकी और इजराइली हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में कई एयर स्पेस बंद कर दिए गए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर उड़ानें बाधित हुई हैं और यात्री विभिन्न शहरों में फंसे हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस गंभीर स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है और अंतर्राष्ट्रीय उड़ान संचालन पर इसके प्रभाव की निगरानी कर रहा है।
IndiGo 3 मार्च को जेद्दा से 10 स्पेशल फ्लाइट
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में बताया, “3 मार्च, 2026 को जेद्दा से भारत के लिए 10 विशेष राहत उड़ानों की इंडिगो की योजना, फंसे यात्रियों की वापसी सुगम बनाएगी। हालांकि, यह आवश्यक मंजूरियों और मौजूदा हवाई क्षेत्र की स्थितियों पर निर्भर करेगा।” मंत्रालय ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुविधा हेतु इंडिगो जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास से समन्वय कर रहा है।मंत्रालय के अनुसार, भारतीय एयरलाइंस ने अपने कार्यक्रम में सुधार किए हैं। लंबी दूरी की उड़ानें वैकल्पिक मार्गों से धीरे-धीरे बहाल की जा रही हैं, जो प्रतिबंधित हवाई क्षेत्रों से बचती हैं। परिचालन स्थिरता जल्द से जल्द बहाल करने के लिए विमान और चालक दल के पुनर्गठन के उपाय किए जा रहे हैं। सोमवार को नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में स्थिति की समीक्षा की गई।
फंसे यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने हेतु विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। एयरलाइंस जहां आवश्यक हो, अतिरिक्त क्षमता लगा रही हैं और सुरक्षित व व्यवस्थित यात्री आवागमन सुनिश्चित करने के लिए विदेशी विमानन प्राधिकरणों तथा विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों से समन्वय कर रही हैं। भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच संचालित विदेशी एयरलाइंस भी परिचालन और हवाई क्षेत्र की चिंताओं के तहत सीमित सेवाएं दे रही हैं।
मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस को यात्रियों संग पारदर्शी संचार बनाए रखने, धनवापसी, पुनर्निर्धारण और यात्री सहायता संबंधी नियामक आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी है। बयान में कहा गया कि सुरक्षित संचालन, सेवाओं की व्यवस्थित बहाली और प्रभावित यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय एयरलाइंस, हवाई अड्डा संचालकों, नियामक प्राधिकरणों और विदेश मंत्रालय से लगातार समन्वय कर रहा है।















