नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इटली में आयोजित G7 में भाग लेने के बाद वापस भारत के आ चुके हैं. बता दें कि भारत जी 7 समूह का सदस्य नहीं है लेकिन वह विशेष आमंत्रण पर इटली गए थे.
G7 से पीएम मोदी की जिस तरह की तस्वीर सामने आई है. उससे साफ हो रहा है कि भारत की साख विश्व भर में काफी बढ़ चुकी है. कैसे भारत को विश्व के मजबूत देश अपने साझेदार के रूप में देखते हैं. G7 सदस्यों की ग्रुप फोटो तो इस बात पर तो पूरी तरह से मुहर लगा रही है.
इटली के अपुलिया में आयोजित जी 7 शिखर सम्मेलन में विश्व के बड़े-बड़े नेता पीएम मोदी से मिलने के लिए आतुर दिखे. बता दें कि पीएम मोदी हमेशा वैश्विक मंच से शांती की बात करते हैं. वह हमेशा वैश्विक समुदाय के हित और भावी पीढ़ियों के लिए बेहतर दुनिया के निर्माण की बात करते हैं. वह तकनीक के साथ-साथ संस्कृती को मजबूत करने की बात करते हैं. यही सब भारत को दुनिया का विश्व गुरू के तौर पर स्थापित करता है. और इसकी झलक कल इटली में दिखी.
इटली में PM मोदी ने क्या कहा? जी-7 शिखर सम्मेलन के संवाद सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत कृत्रिम मेधा (AI) को पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, सुलभ और जिम्मेदार बनाने के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में भारत का दृष्टिकोण चार सिद्धांतों उपलब्धता, सुलभता, वहनीयता और स्वीकार्यता पर आधारित है.उन्होंने ‘ग्लोबल साउथ’ के समक्ष चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा कि वे वैश्विक अनिश्चितताओं और तनावों का खामियाजा भुगत रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत ने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों की प्राथमिकताओं और चिंताओं को विश्व मंच पर रखना अपनी जिम्मेदारी माना है. प्रधानमंत्री ने कहा, “इन प्रयासों में हमने अफ्रीका को उच्च प्राथमिकता दी है. हमें गर्व है कि भारत की अध्यक्षता में जी-20 ने अफ्रीकी संघ को अपना स्थायी सदस्य बनाया है.” मोदी ने कहा, “भारत अफ्रीका के सभी देशों के आर्थिक और सामाजिक विकास, स्थिरता और सुरक्षा में योगदान देता रहा है तथा भविष्य में भी ऐसा करता रहेगा.” (भाषा इनपुट के साथ)
















