भारत और ओमान ने ओमान के सुल्तान के सशस्त्र बलों (एसएएफ) के कर्मियों के लिए दो भारतीय मोबाइल प्रशिक्षण टीमों (आईएमटीटी) द्वारा आयोजित एक विशेष सैन्य प्रशिक्षण पहल के माध्यम से अपनी बढ़ती रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत किया।पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच आयोजित इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नेतृत्व एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (मुख्यालय आईडीएस) के अधिकारियों ने भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के कर्मियों के साथ मिलकर किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य परिचालन समन्वय और संयुक्त रसद तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करना था।
एकीकृत रक्षा स्टाफ के मुख्यालय ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत-ओमान रक्षा सहयोग को सुदृढ़ बनाना भारतीय रक्षा मुख्यालय और तीनों सेनाओं के अधिकारियों से युक्त दो भारतीय मोबाइल प्रशिक्षण दल (IMTT) ने ओमान के सुल्तान की सशस्त्र सेना (SAF) के कर्मियों के लिए सफलतापूर्वक प्रशिक्षण आयोजित किया।ओमान की शाही सेना, शाही नौसेना, शाही वायु सेना और रक्षा मंत्रालय के लगभग 110 अधिकारियों ने परिचालन और संयुक्त रसद प्रशिक्षण में भाग लिया, जिससे अंतर-संचालनीयता और भारत-ओमान रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ किया गया।
लगभग 110 ओमानी अधिकारियों ने लिया भाग
मुख्यालय आईडीएस के बयान में आगे कहा गया है कि ओमान की शाही सेना, शाही नौसेना, शाही वायु सेना और रक्षा मंत्रालय की एजेंसियों के लगभग 110 अधिकारियों ने परिचालन और संयुक्त रसद प्रशिक्षण में भाग लिया, जिससे अंतर-संचालनीयता और भारत-ओमान रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिली।
जयशंकर ने ओमान के साथ पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा की थी
यह घटनाक्रम विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा 18 मई को ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बदर बिन हमद अल बुसैदी से हुई टेलीफोन वार्ता के कुछ दिनों बाद सामने आया है। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट से संबंधित हालिया घटनाक्रमों के साथ-साथ भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।























































