ईरान में महिलाओं के हिजाब को लेकर कानून बेहद सख्त है. यहां पर महिलाएं हिजाब ना पहने तो उन्हें सजा दी जाती है. हालांकि समय-समय पर महिलाओं ने हिजाब के विरोध में कई बार प्रदर्शन किए हैं.हिजाब को लेकर अब एक चौंकाने वाली है रिपोर्ट सामने आई.
UN की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि ईरान ड्रोन, चेहरे की पहचान करने वाली टेक्नोलॉजी और नागरिक रिपोर्टिंग ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल कर रहा है और इसके जरिए महिलाओं पर हिजाब कानून लागू कर रहा है. रिपोर्ट में बताया गया कि हिजाब न पहनने पर महिलाओं को कड़ी सजा दी जा रही है और दिन पे दिन ये घटनाएं बढ़ती भी जा रही है.
दो सालों तक की गई रिसर्च
ईरान सरकार का नाज़र मोबाइल एप्लिकेशन नागरिकों और पुलिस को हिजाब कानून का उल्लंघन करने के लिए महिलाओं के खिलाफ शिकायत करने की परमिशन देता है. रिपोर्ट के मुताबिक, इसको लेकर दो सालों तक रिसर्च की गई है, जिसमें बताया गया है कि यहां पर मानवाधिकार का उल्लंघन करना अपराध होता है. खासतौर पर ईरान में महिलाओं को निशाना बनाया जाता है.
कैसी होती है हिजाब कानून उल्लंघन करने पर कार्रवाई?
नाजर मोबाइल ऐप की मदद से, जो महिला हिजाब नहीं पहना है उसे ड्रोन के जरिए ट्रेस किया जाता है. इसके बाद नाजर ऐप वाहन को ऑनलाइन फ़्लैग करता है, जिसके बाद पुलिस को अलर्ट किया जाता है. इसके बाद वाहन के मालिक को टेक्स्ट मैसेज सेंड किया जाता है और वॉर्निंग दी जाती है कि उनकी और से हिजाब कानून का उल्लंघन किया गया है और वॉर्निंग के बाद भी कोई हिजाब नहीं पहनता है तो उसका वाहन जब्त कर लिया जाता है.
ऐसे रखते हैं महिलाओं पर नजर
रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल सितंबर के महीने में ईरान सरकार ने सार्वजनिक परिवहन, टैक्सियों और एंबुलेंस में इस ऐप को इंस्टॉल करने के आदेश दिए थे. FARAZA ऐप के जरिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट, टैक्सियों और एंबुलेंस में महिलाओं के हिजाब न पहनने की रिपोर्ट की जाती हैं. इसी के साथ-साथ राजधानी तेहरान और दक्षिणी ईरान में ड्रोन भी तैनात किए गए हैं और सड़कों पर हाईटेक कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं.
चुप है ईरान सरकार
संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट 20 पन्नों की है. इस रिपोर्ट के खिलाफ से के बाद भी ईरान सरकार अब तक चुप बैठी है. हालांकि ईरान सरकार पहले भी ऐसे अंतरराष्ट्रीय दबाव को अनदेखा करती आई है और हिजाब कानून जैसी चीजों पर पड़ी रही है.















