30 की उम्र में ज्यादातर लोग करियर के उस मोड़ पर होते हैं जहां कमाई स्टेबल होने लगती है और भविष्य की प्लानिंग पर लोग सीरियस होकर सोचने लगते हैं. यही वह उम्र होती है जहां रिटायरमेंट की तैयारी शुरू कर दी जानी चाहिए जिससे आगे चलकर पैसों की चिंता काफी हद तक खत्म हो सकती है. आज के समय में NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम को लाॅन्ग टर्म के लिए मजबूत ऑप्शन माना जाता है. सबसे आम सवाल यही होता है कि अगर रिटायरमेंट के बाद हर महीने 50 हजार की पेंशन चाहिए, तो 30 साल की उम्र में कितना निवेश करना होगा. चलिए आपको बताते हैं क्या है इसका कैलकुलेशन.
50 हजार की मंथली पेंशन के लिए कितना फंड जरूरी?
अगर आपको रिटायरमेंट के बाद हर महीने 50 हजार रुपये की पेंशन चाहिए. तो सालाना पेंशन करीब 6 लाख रुपये होगी. NPS में आमतौर पर रिटायरमेंट के समय जमा कुल रकम का 40 प्रतिशत हिस्सा मैंडेटरी तौर पर एन्युटी में लगाना होता है. मान लें कि एन्युटी से औसतन 6 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है. ऐसे में 6 लाख सालाना पेंशन पाने के लिए एन्युटी में करीब 1 करोड़ रुपये का फंड चाहिए. इसका मतलब यह हुआ कि रिटायरमेंट के समय आपका कुल NPS कॉर्पस लगभग 2.5 करोड़ रुपये होना चाहिए. जिससे 40 प्रतिशत एन्युटी में जाए और बाकी रकम एकमुश्त निकाली जा सके. यह कैलकुलेशन लॉन्ग टर्म एवरेज रिटर्न और फिलहाल जो नियम हैं उन पर आधारित है. इसलिए यह आंकड़े थोड़े ऊपर नीचे हो सकते हैं.
30 साल की उम्र में हर महीने कितना निवेश करना होगा?
फंड के बाद अब सवाल आता है कि 30 साल की उम्र से निवेश शुरू करने पर हर महीने कितनी रकम डालनी होगी. मान लें आप 60 साल की उम्र में रिटायर होते हैं यानी आपके पास करीब 30 साल का समय है. अगर NPS से औसतन 9 से 10 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है. तो 2.5 करोड़ रुपये का कॉर्पस बनाने के लिए हर महीने करीब 12 हजार से 14 हजार रुपये का निवेश करना पड़ सकता है. अगर आप निवेश की रकम हर साल थोड़ी बढ़ाते हैं, जैसे सैलरी बढ़ने के साथ योगदान बढ़ाना तो शुरुआती बोझ और कम हो सकता है. यहां असली फायदा समय का है. जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे उतनी ही छोटी रकम से बड़ा फंड तैयार हो जाएगा.















