राजस्थान में इस बार गर्मी ने फरवरी के अंत से ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे, लेकिन मार्च के दूसरे हफ्ते में अब स्थिति चिंताजनक होती जा रही है.प्रदेश में अमूमन अप्रैल और मई में पड़ने वाली भीषण गर्मी अब मार्च में ही लोगों को बेहाल कर रही है. मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 10 और 11 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में हीट वेव चलने की चेतावनी जारी की है.
बाड़मेर और जैसलमेर में पारा 40 के पार
राजस्थान के पश्चिमी जिलों में गर्मी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है. बाड़मेर में तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री अधिक है. जैसलमेर और जोधपुर में भी पारा 39 डिग्री के आसपास बना हुआ है. 10 मार्च को इन इलाकों में गर्म हवाएं (लू) चलने की पूरी संभावना है, जिससे दोपहर के समय घर से निकलना मुश्किल हो सकता है.
एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर में बने एक शक्तिशाली एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम के कारण राजस्थान में समय से पहले गर्मी की लहर शुरू हुई है. इसके चलते जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग में भी तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है. जयपुर में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि रात का तापमान भी 20 डिग्री के करीब बना हुआ है.
सेहत पर पड़ रहा है बुरा असर
दिन में भीषण गर्मी और रात-सुबह के समय हल्की ठंडक के चलते प्रदेश में मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ गया है. सर्दी-खांसी, जुकाम और वायरल फीवर के मामलों में तेजी आई है. डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग दोपहर के समय सीधे धूप में निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें.
आगे क्या है मौसम का हाल?
राहत की बात यह है कि 11 और 12 मार्च के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है. इसके असर से राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल छा सकते हैं और हल्की बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है, जिससे बढ़ते तापमान पर थोड़ी लगाम लग सकती है. हालांकि 10 मार्च तक गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं.















