मुजफ्फरनगर में पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिसकर्मियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

मुजफ्फरनगर। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मंगलवार को पुलिस लाइन मुजफ्फरनगर में भावनात्मक वातावरण के बीच पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए देश की रक्षा में प्राणों की आहुति देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारीगणों ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी और उनके अदम्य साहस, निष्ठा तथा बलिदान को नमन किया।

कार्यक्रम का आरंभ शहीद स्मारक पर मौन रखकर किया गया, जिसके बाद पुलिस लाइन परिसर में एकत्र हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने देश की सेवा में बलिदान देने वाले पुलिस जवानों की वीरगाथा को याद किया। भावनाओं से ओत-प्रोत इस अवसर पर वातावरण देशभक्ति और शौर्य के गीतों से गूंज उठा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ, पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ मिश्रा समेत सभी क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक और पुलिसकर्मी इस अवसर पर मौजूद रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश लखनऊ के संदेश को सभी पुलिसकर्मियों तक पहुंचाया और बताया कि बीते एक वर्ष में अपने कर्तव्य पालन के दौरान जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने देश व समाज की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी, उनकी शहादत को सदा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा का स्वभाव ही ऐसा है जिसमें हर कदम पर खतरा मौजूद रहता है, परंतु जनसेवा का उच्च आदर्श हृदय में बसाकर पुलिस कर्मी हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान यह भी याद किया गया कि पुलिस स्मृति दिवस की शुरुआत 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में हुए उस ऐतिहासिक प्रसंग से हुई थी, जब चीन के सैनिकों ने भारत-तिब्बत सीमा पर सीआरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी पर अचानक हमला किया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 10 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे और तभी से हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाकर उनके बलिदान को सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।

इस मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि जिन वीर सपूतों ने राष्ट्र और समाज की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए हैं, वे मरकर भी अमर हैं। उनकी वीरता और त्याग की गाथा पुलिस बल की नई पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी। समारोह के अंत में सभी ने एक स्वर में राष्ट्र की अखंडता, सुरक्षा और जनसेवा के प्रति समर्पित रहने की शपथ ली।

कार्यक्रम के अंत में शहीदों की याद में दीप प्रज्ज्वलन किया गया और “इतनी सी बात हवाओं को बताए रखना, रोशनी होगी चिरागों को जलाए रखना, लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने, ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाए रखना” पंक्तियों के साथ श्रद्धांजलि सभा का समापन हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस लाइन का वातावरण गर्व, शौर्य और भावनाओं से ओत-प्रोत दिखाई दिया।

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