मुजफ्फरनगर में निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती, 8 चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण,

मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार तेवतिया के निर्देश पर निजी चिकित्सालयों के संचालन, पंजीकरण और अभिलेखों की जांच के लिए एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने किया, जबकि टीम में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार, स्टेनो दीपक कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल रहे।संयुक्त टीम ने जनपद में कुल आठ निजी चिकित्सालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पतालों की व्यवस्थाओं, पंजीकरण की स्थिति, आवश्यक अभिलेखों और मरीजों को दी जा रही सेवाओं का गहन परीक्षण किया गया। निरीक्षण की शुरुआत रुड़की रोड स्थित न्यू लाइफ मेडिकेयर से की गई, जहां मौजूद स्टाफ ने बताया कि केंद्र आयुर्वेदिक पद्धति में पंजीकृत है। मौके पर कोई भर्ती मरीज नहीं मिला। अभिलेखों की जांच में कुछ कमियां पाए जाने पर अस्पताल को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।इसके बाद टीम ने आस्था हॉस्पिटल का निरीक्षण किया, जो रविवार होने के कारण बंद मिला और वहां कोई मरीज भी उपस्थित नहीं था। इसके पश्चात मलिक हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया, जहां मुख्य द्वार बंद मिला, जबकि अभिलेखों में अस्पताल का पंजीकरण दर्शाया गया था।

इस विसंगति को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया।लोकप्रिय हॉस्पिटल में भी निरीक्षण के दौरान ओपीडी और आईपीडी सेवाएं बंद पाई गईं और कोई मरीज नहीं मिला। आगे बढ़ते हुए टीम ने एम. चरक हॉस्पिटल का निरीक्षण किया, जहां तीन मरीज भर्ती मिले और चिकित्सक भी मौके पर उपस्थित थे। हालांकि, साफ-सफाई और अभिलेखों में आंशिक कमियां पाए जाने के कारण इस अस्पताल को भी नोटिस जारी किया गया।इंडियन हॉस्पिटल में पंजीकृत चिकित्सक मौजूद मिले, लेकिन अभिलेख पूर्ण नहीं थे। इस पर अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया गया। गैलेक्सी हॉस्पिटल और डिवाइन हॉस्पिटल में भी चिकित्सक उपस्थित पाए गए, लेकिन दोनों स्थानों पर अभिलेख अद्यतन नहीं मिले, जिसके चलते इन संस्थानों को भी नोटिस जारी किए गए।निरीक्षण के दौरान संयुक्त टीम ने सभी चिकित्सालयों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने अभिलेख पूर्ण और अद्यतन रखें तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नोटिस का समयबद्ध जवाब न देने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में संचालित निजी अस्पतालों की लगातार निगरानी की जा रही है और भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना है, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार मिल सके।

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