सुप्रीम कोर्ट में भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत की बेंच में सोमवार सुबह एक वकील यह शिकायत लेकर पहुंचा कि उसे दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में कोर्ट रूम के अंदर जज के सामने पीटा गया है।इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ‘गुंडा राज स्वीकार्य’ नहीं है। उन्होंने पहले पीड़ित वकील को दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पास जाने को कहा और शिकायत की एक कॉपी उन्हें भी देने के निर्देश दिए। वकील का दावा है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से दिल्ली पुलिस भी डर रही है।
जज के सामने वकील की पिटाई का मामला
सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच के सामने उस वकील ने पिछले शनिवार (7 फरवरी, 2026) की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वह तीस हजारी कोर्ट में एडिश्नल डिस्ट्रिक्ट जज हरजीत सिंह पाल की अदालत में एक आरोपी की ओर से पेश हो रहे थे। तभी शिकायतकर्ता के वकील कई गुंडों के साथ कोर्ट रूम में घुसे और जज के सामने ही उन्हें और अन्य आरोपियों को पीट दिया।
कोर्ट रूम का दरवाजा बंद करके गुंडों ने पीटा
पीड़ित वकील ने देश की सर्वोच्च अदालत में बताया कि हमलावरों ने कोर्ट रूम का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया था और जज की मौजूदगी में इस हिंसा को अंजाम दिया। इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने उस वकील से पूछा कि वह दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने लिखित शिकायत के बजाए, उनके पास जुबानी शिकायत लेकर क्यों आए हैं। उन्होंने कहा, ‘क्या आपने इसे दिल्ली हाई कोर्ट के माननीय चीफ जस्टिस के संज्ञान में लाया है? दिल्ली जुडिशरी के हेड के सामने यह मामला दर्ज क्यों नहीं किया?’
‘हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से शिकायत करें’
सीजेआई सूर्यकांत ने यह भी कहा कि ‘आप इसे मेरे सामने उठा रहे हैं, ताकि मीडिया उठा सके?’इसपर वकील ने कहा कि पुलिस कोई कार्रवाई करने से डर रही है और वे सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के मेंबर के रूप में सीजेआई के सामने यह बात रख रहे हैं। इसपर सीजेआई ने उनसे कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने लिखित शिकायत दर्ज करें और उसकी एक कॉपी उन्हें भी दे।
‘हमें इस तरह का गुंडा राज स्वीकार्य नहीं है’
सीजेआई सूर्यकांत ने आगे कहा कि ‘मुझे इससे प्रशासनिक तौर पर निपटने दें। जुडिशल साइड से कुछ नहीं होना है। पहले आप जाएं और शिकायत करें। चीफ जस्टिस को इसका संज्ञान लेने दें। आप मुझे शिकायत की एक कॉपी दें…वे इस तरह की बदतमीजी कैसे कर सकते हैं? हमें इस तरह का गुंडा राज स्वीकार्य नहीं है।















