बालकनी में उगाएं सूरजमुखी का पौधा,

शहरों में रहने वाले लोगों के पास बड़ा गार्डन होना संभव नहीं है. यही वजह है कि, कंटेनर गार्डनिंग यानी गमलों में पौधे उगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में कई लोग अपनी बालकनी और छत पर गमले में फूल, सब्जियां और यहां तक की फल भी उगा रहे हैं. अगर आपको अपना गार्डन खिला-खिला और खूबसूरत दिखाना है तो सूरजमूखी का फूल एक बढ़िया ऑप्शन है. ये पीले और खिले-खिले फूल धूप में एक अलग ही चमक देते हैं. सबसे खास बात सूरजमुखी ऐसा पौधा है जो कम जगह में भी अच्छा बढ़ सकता है. बस उसकी देखभाल सही तरीके से की जाए तो.यह पौधा तेज धूप पसंद करता है, लेकिन ज्यादा पानी या गलत मिट्टी इसकी ग्रोथ को रोक सकती है. चलिए इस आर्टिकल में आपको भी बताते हैं कि, आप कैसे अपनी बालकनी में सूरजमूखी का पौधा उगा सकते हैं. इसके लिए कितनी धूप, कितना पानी और कितनी खाद की आवश्यकता है. साथ ही सूरजमूखी का प्लांट लगाने का सबसे अच्छा मौसम कौन सा है. यानी स्टेप बाए स्टेप पूरी गाइड.

सूरजमूखी का पौधा लगाने का सही समय

सूरजमुखी का पौधा लगाने का सबसे सही समय जब मौसम न ज्यादा ठंडा हो और न ही बहुत ज्यादा बरसाती. आमतौर पर बसंत ऋतु (फरवरी से मार्च) और गर्मी की शुरुआत (जून से पहले) सूरजमुखी के बीज बोने के लिए सबसे बेहतर माने जाते हैं. इस समय तापमान 20- 30°C के बीच रहता है, जो अंकुरण और ग्रोथ के लिए परफेक्ट होता है. बहुत ज्यादा ठंड में बीज सही से नहीं उगते और लगातार भारी बारिश में जड़ें सड़ सकती हैं.

 

गमले में कैसे उगाएं सूरजमूखी का पौधा

अगर आप सूरजमूखी का पौधा लगा रहे हैं तो इसके लिए कम से कम 1216 इंच गहरा गमला लें. नीचे ड्रेनेज होल जरूर हो. इसके बाद मिट्टी तैयार करें. इसके लिए 50% बगीचे की मिट्टी, 30% कम्पोस्ट (गोबर खाद), 20% रेत या कोकोपीट. अब बारी है बीज बोने की. इसके लिए गमले में बीज को 1 इंच गहराई में दबाएं. एक गमले में 12 बीज ही लगाए. अब हल्का पानी दें.

 

कितनी धूप है जरूरी

सूरजमूखी के पौधे को बहुत ज्यादा धूप की जरूरत होती है. इसे रोज 6-8 घंटे की धूप चाहिए होती है. बालकनी ऐसी होनी चाहिए जहां दिन के ज्यादातर समय धूप आती हो, खासकर सुबह से दोपहर तक. अगर धूप कम मिलेगी तो, पौधा लंबा तो होगा लेकिन कमजोर रहेगा. साथ ही फूल छोटे बनेंगे या देर से आएंगे. एक और बात… गमले को समय-समय पर घुमाते रहें ताकि पौधा एक ही दिशा में झुक न जाए.

 

पानी देने का सही तरीका क्या है?

सूरजमुखी को न तो बहुत ज्यादा पानी पसंद है, न ही पूरी तरह सूखी मिट्टी. इसलिए बैलेंस बनाना बहुत जरूरी है. जब भी गमले की ऊपरी 1-2 इंच मिट्टी सूखी लगे, तब पानी दें. गर्मियों में रोज या एक दिन छोड़कर पानी देना पड़ सकता है. सर्दियों में पानी की जरूरत कम हो जाती है. लेकिन ध्यान रहे कि, गमले में अच्छी ड्रेनेज (पानी निकलने का छेद) होना जरूरी है.पानी भरकर जमा न होने दें, वरना जड़ें सड़ सकती हैं. पत्तों पर रोज पानी डालने की जरूरत नहीं, जड़ों में देना ज्यादा जरूरी है.

 

खाद देने का सही समय और तरीका

सूरजमुखी तेजी से बढ़ने वाला पौधा है, इसलिए इसे समय-समय पर पोषण चाहिए होता है. बीज बोने के 15-20 दिन बाद पहली बार हल्की खाद दें. पौधा बड़ा होने लगे तो हर 20-25 दिन में एक बार खाद दें. खाद के लिए आप सड़ी हुई गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट या घर का बना किचन कम्पोस्ट इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं, ध्यान रहे कि जब फूल आने वाले हों तब फॉस्फोरस वाली जैविक खाद (जैसे बोनमील) का यूज कर सकते हैं. कोशिश करें कि केमिकल फ्री खाद का ही इस्तेमाल करें, नहीं तो इससे पत्ते तो बढ़ेंगे लेकिन फूल कम आएंगे.

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