मुजफ्फरनगर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्त रथ का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया, जिसमें जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, विधायक पंकज मलिक, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिला अधिकारी (वित्तीय एवं राजस्व), जिला प्रोबेशन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक अपराध सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर बाल विवाह मुक्त रथ को रवाना किया।यह जागरूकता रथ जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था एवं ग्रामीण समाज विकास केंद्र के सहयोग से निकाला गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जनपद में बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक समस्या के प्रति आम जनमानस को संवेदनशील बनाना, बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में भी बड़ी बाधा बनता है।
कार्यक्रम के दौरान संस्था के प्रबंधक गजेंद्र सिंह ने बताया कि बाल विवाह मुक्त रथ जनपद के विभिन्न गांवों, शहरी क्षेत्रों, तहसीलों, ब्लॉकों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जाकर लोगों को जागरूक करेगा। रथ के माध्यम से बाल विवाह रोकथाम से जुड़े कानूनी प्रावधानों, बाल अधिकारों और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के महत्व की जानकारी दी जाएगी। यह अभियान लगातार 8 मार्च तक चलेगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा सके।कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी विभागों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आकर अपनी भूमिका निभानी होगी।
इस अवसर पर चाइल्ड हेल्पलाइन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, थाना मानव तस्करी विरोधी इकाई, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा बड़ी संख्या में समाजसेवियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने बाल विवाह मुक्त समाज बनाने के संकल्प के तहत अपने हस्ताक्षर भी किए। प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों के इस संयुक्त प्रयास से जनपद में बाल विवाह के विरुद्ध मजबूत जनआंदोलन खड़ा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
















