मुज़फ्फरनगर के विकासखंड पुरकाजी अंतर्गत ग्राम हरी नगर में भारतीय मुस्लिम नट समाज के बैनर तले एक गरिमामय एवं भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पुरकाजी ब्लॉक प्रमुख मालती रानी का समाज की ओर से फूल-मालाएं पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक एकता, सहभागिता और संवाद की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया था। समारोह की अगुवाई हाफिज मोहम्मद शहजाद ने की और उनके नेतृत्व में नट समाज के सैकड़ों महिला एवं पुरुषों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। पूरे आयोजन में उत्साह और सम्मान का माहौल देखने को मिला। समाज के लोगों ने इस अवसर को अपने मुद्दों को जनप्रतिनिधि तक सीधे पहुंचाने के अवसर के रूप में भी लिया।
कार्यक्रम के दौरान नट समाज के प्रतिनिधियों ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही व्यवहारिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि आवश्यक दस्तावेजों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते कई पात्र लोगों को प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। इस पर ब्लॉक प्रमुख मालती रानी ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता की और समस्या के समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उनके इस त्वरित कदम से उपस्थित लोगों में संतोष और विश्वास का भाव देखने को मिला।
अपने संबोधन में ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि उनका उद्देश्य सदैव यह रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके लिए सभी समाज समान हैं और उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के सम्मान और विकास के लिए कार्य किया है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि नट समाज सहित सभी जरूरतमंद और वंचित वर्गों की समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं, तभी जनसमस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण संभव हो पाता है।
कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद इस्तखार द्वारा कुशलता से किया गया। इस अवसर पर मास्टर दुष्यंत कुतुबपुर, ग्राम प्रधान लखनौती रविंद्र चौधरी, अफसर अली, पूर्व प्रधान नेपाल सिंह एडवोकेट, हाजी बेधड़क, हाजी रुखसेन, फजलु, जाबिर, विनोद, प्रभु दयाल सिंह, मोमिना, अफसाना, रुखसाना सहित नट समाज के सैकड़ों युवक और महिलाएं उपस्थित रहे। समारोह सामाजिक समरसता, संवाद और सहभागिता का उदाहरण बनकर सामने आया।















