पिछले एक दशक में भारत सरकार ने अपनी मजबूत कूटनीति और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली रणनीतियों के जरिए हजारों भारतीयों को बंधक संकट से मुक्त कराया है। विभिन्न देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए सरकार ने कूटनीतिक प्रयासों, विशेष अभियानों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का सहारा लिया। चाहे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी हो या फिर समुद्री लुटेरों के चंगुल से नाविकों को बचाना, भारत ने हर परिस्थिति में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाए हैं। इन सफल अभियानों के कारण भारत की वैश्विक स्तर पर छवि और मजबूत हुई है, जिससे यह सिद्ध होता है कि सरकार न सिर्फ अपने लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।
सऊदी अरब से कितने भारतीय?
2019 में, भारत यात्रा के समय सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने 850 भारतीय कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया था.
कतर से कितने भारतीय?
कतर ने 8 भारतीय नौसेना के लोगों की रिहाई पर सहमति जताई. इन सभी को मौत की सजा सुनाई गई. उनमें से ज्यादा को बाद में भारत लौटने की अनुमति दी गई.
ईरान से कितने भारतीय आए?
2023 और 2024 में, ईरान ने 43 और 77 भारतीय नागरिकों को अपनी जेलों से रिहा किया. 2023 में, 43 में से 12 मछुआरे थे.
बहरीन से कितने भारतीय आए?
बहरीन सरकार ने 2019 में जेल में बंद 250 भारतीयों को रिहा करने का फैसला किया. उस साल पीएम मोदी की देश की यात्रा के दौरान उन्हें रिहा कर दिया गया था.
कुवैत से कितने भारतीय आए?
2017 में, राजनयिक चैनलों के माध्यम से कई दौर की बातचीत के बाद, कुवैत के अमीर ने 22 भारतीय नागरिकों को रिहा करने और 97 और लोगों की सजा कम करने पर सहमति जताई.
श्रीलंका से कितने भारतीय आए?
राजनयिक चैनलों के माध्यम से नियमित हस्तक्षेप और मध्यस्थता के बाद, श्रीलंका ने कई मौकों पर भारतीय मछुआरों को रिहा किया है जो गलती से और अनजाने में उसके जली क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे. 2014 से, कुल 3,697 भारतीय मछुआरों को श्रीलंका की ओर से रिहा किया गया है.
पाकिस्तान से आए भारतीय
2014 से, इस्लामाबाद के साथ बार-बार और काफी समय तक किए गए कूटनीतिक प्रयासों के बाद, नई दिल्ली 2,639 मछुआरों और 71 नागरिक कैदियों को रिहा करने में कामयाब रही है.















