जर्मनी ने अपनी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और कामगारों की कमी को पूरा करने के लिए श्रमिक वीज़ा की संख्या बढ़ाने का बड़ा फैसला किया है। जर्मन सरकार ने घोषणा की है कि 2024 में श्रमिक वीज़ा की संख्या में 10% की वृद्धि की जाएगी, जिससे कुल लगभग 2 लाख पेशेवर वीज़ा जारी किए जाएंगे।
यह बदलाव भारत जैसे देशों के कुशल पेशेवरों के लिए महत्वपूर्ण अवसर लेकर आएगा। सरकार ने अपने प्वाइंट-बेस्ड सिस्टम “ऑप्युर्चिनिटी कार्ड” के तहत गैर-यूरोपीय संघ के देशों से आने वाले स्नातकों और पेशेवरों के लिए जर्मनी में प्रवेश और नौकरी ढूंढने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है।गृह मंत्री नैंसी फेसर ने कहा कि यह प्रणाली प्रतिभाशाली युवाओं के लिए जर्मनी में पढ़ाई और प्रशिक्षण को सरल बनाती है, जबकि विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने कहा कि इन सुधारों से श्रम की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी।इस कदम से भारतीय पेशेवरों और छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे, खासकर जब वीज़ा प्रक्रियाओं में तेजी लाई गई है और शिक्षा तथा कौशल को महत्व दिया जा रहा है।















