महाराष्ट्र में जीबीएस वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। धुले शहर में जीबीएस का पहला मरीज मिला, जिसे श्री भाऊसाहेब हिरे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। 48 वर्षीय इस पुरुष मरीज की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। राज्य में जीबीएस मरीजों की संख्या 200 के पार पहुंच चुकी है, जिसमें पुणे, मुंबई, पिंपरी-चिंचवड़, सोलापुर, कोल्हापुर और धुले में मामले सामने आए हैं। मुंबई, सोलापुर, पुणे और पिंपरी में कई मरीजों की जान भी जा चुकी है।
इससे पहले 12 फरवरी को मुंबई में जीबीएस सिंड्रोम वायरस से पहली मौत दर्ज हुई थी, जिसके बाद राज्य में इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या 9 हो गई है। मुंबई में जिस मरीज की मौत हुई, उसकी उम्र 53 साल थी और वे वडाला के निवासी थे। वे बीएमसी के बीएन देसाई अस्पताल में वार्ड बॉय के रूप में कार्यरत थे। नायर अस्पताल के डीन, डॉक्टर शैलेश मोहिते के अनुसार, मरीज काफी दिनों से बीमार थे और उनका लंबा इलाज चल रहा था।
53 वर्षीय व्यक्ति की मौत
इसी नायर अस्पताल में 16 साल की एक लड़की मरीज भी एडमिट है जिसे जीबीएस वायरस हुआ है. ये पालघर की रहने वाली है और 10 वीं की छात्रा है. नायर हॉस्पिटल के डीन शैलेश मोहिते ने कहा कि अस्पताल में जीबीएस से मौत का पहला मामला सामने आया है 53 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि 23 जनवरी को मरीज को दाखिल कराया गया था 10 तारीख को उनकी मौत हुई है.
मुंबई में नहीं बढ़ रहे मामले
मरीज जी बीएस पॉजिटव था उनपर सभी जरूरी ट्रीटमेंट की जा रही थी. शैलेश मोहिते नेबताया की मुंबई में जीबीएस के मामले बढ़ नहीं रहे है. अब तक कई मरीज ठीक होकर घर जा चुके है. सही वक्त पर अस्पताल में आकर इलाज कराने की सलाह शैलेश मोहिते ने दी है. अगर कमजोरी महसूस हो तो तुरंत महानगरपालिका के अस्पताल में जांच कराए.















