फ्रूट या वेजिटेबल जूस – कौन है ज्यादा फायदेमंद?

आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए लोग फ्रूट और वेजिटेबल जूस का सेवन करना पसंद करते हैं। दोनों ही सेहत के लिए लाभकारी हैं, लेकिन इनके फायदे अलग-अलग होते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फलों का जूस तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है क्योंकि इसमें प्राकृतिक शुगर और विटामिन्स की मात्रा अधिक होती है। वहीं, सब्जियों का जूस कम कैलोरी और अधिक फाइबर, मिनरल्स तथा एंटीऑक्सीडेंट्स प्रदान करता है, जो लंबे समय तक सेहतमंद बनाए रखने में मददगार होता है।

फ्रूट जूस में विटामिन C, A और कई तरह के माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं और स्किन व हेयर हेल्थ के लिए भी अच्छे माने जाते हैं। हालांकि इसमें प्राकृतिक शुगर की मात्रा अधिक होती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों या वजन घटाने वालों को सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।वहीं, वेजिटेबल जूस की खासियत यह है कि इसमें शुगर बहुत कम होती है और यह बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है। पालक, गाजर, चुकंदर या लौकी का जूस लीवर, किडनी और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा सब्जियों का जूस पेट को हल्का रखता है और पाचन को दुरुस्त करता है।

फ्रूट जूस
मैक्स सुपर स्पेशलिटी में वरिष्ठ सलाहकार, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉक्टर पबित्रा साहू ने बताया कि फ्रूट जूस विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. यह इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर को एनर्जी देने में मदद करता है. लेकिन फलों में नेचुरल शुगर (फ्रुक्टोज) ज्यादा होती है. जूस बनाते समय उसमें फाइबर कम हो जाता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल जल्दी बढ़ सकता है. डायबिटीज के मरीजों को सीमित मात्रा में और बिना शुगर यानी की चीनी मिलाएं खाना चाहिए.

वेजिटेबल जूस
डॉक्टर ने बताया कि वेजिटेबल जूस में कैलोरी और शुगर कम होती है. इसमें विटामिन, मिनरल, फाइबर और क्लोरोफिल भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इससे वजन कम करने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है. कुछ सब्जियां जैसे पालक, चुकंदर, टमाटर में ऑक्सलेट ज्यादा हो सकता है, जो किडनी स्टोन के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है. जूस बनाते समय हमेशा ताजे फल और सब्जियों का उपयोग करना चाहिए. सब्जियों को पहले अच्छी तरह से पानी से साफ करना चाहिए. जिससे उसपर मौजूद धूल-मिट्टी और कीटनाशक हट जाए.
क्या है आपके लिए बेहतर?
इंस्टेंट एनर्जी के लिए फ्रूट जूस पीना सही रहता है. लेकिन शुगर के मरीज को इसे पीने से परहेज करना चाहिए और बिना शक्कर के इसे पीना ज्यादा सही रहेगा. वहीं वजन को नियंत्रित करने और शुगर को कंट्रोल करने के लिए वेजिटेबल जूस पीने की सलाह दी जाती है. करेला और आंवला जैसे कुछ वेजिटेबल जूस शुगर और कुछ कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में भी मदद कर सकते हैं .लेकिन इन्हें सही तरीके से और एक्सपर्ट की सलाह पर पीना चाहिए. इससे ज्यादा बेहतर फलों और सब्जियों को पूरा खाएं, ताकि आपको फाइबर भी मिले और ब्लड शुगर नियंत्रित रहे. जूस सेहतमंद तभी है जब सही समय, सही मात्रा और सही प्रकार से लिया जाए.

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