बार-बार जुकाम और बुखार आना बच्चों में कौन-सी बीमारी का संकेत?

बच्चों में बार-बार जुकाम और बुखार आना आम समस्या है, लेकिन अगर यह लगातार हो रहा है तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) वयस्कों के मुकाबले कमजोर होती है, इसी कारण उन्हें मौसम बदलने पर, धूल-मिट्टी या वायरल संक्रमण से जल्दी परेशानी हो जाती है। बार-बार जुकाम और बुखार आना श्वसन तंत्र के संक्रमण, एलर्जी, टॉन्सिल की समस्या या बार-बार होने वाले वायरल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन का लक्षण हो सकता है। कई बार बच्चों में एडिनॉइड्स (नाक के पीछे की ग्रंथि का बढ़ना) या साइनस की समस्या भी बार-बार होने वाले जुकाम और बुखार का कारण बनती है। इसके अलावा यदि बच्चे को बार-बार खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और थकान के साथ बुखार आता है तो यह टायफाइड, फ्लू, ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसी बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बच्चा महीने में तीन से चार बार तेज बुखार और जुकाम से पीड़ित हो रहा है, तो उसका ब्लड टेस्ट और अन्य मेडिकल जांच कराना जरूरी है ताकि असली कारण का पता लगाया जा सके। समय रहते इलाज न करने पर यह समस्या लंबे समय तक स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। डॉक्टर अक्सर बच्चों को संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और साफ-सफाई पर ध्यान देने की सलाह देते हैं। साथ ही बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए विटामिन और मिनरल्स से भरपूर आहार बेहद जरूरी है।

वायरल फीवर के कारण ( Causes of Viral Fever)

दिल्ली एम्स में पीडियाट्रिक विभाग के पूर्व डॉ. राकेश बागड़ी बताते हैं कि जब एक संक्रमित इंसान खांसता है, छींकता या खांसताहै तो उसके मुंह से निकलने वाले तरल पदार्थ में बैक्टीरिया होते हैं जो संक्रमण फैलाते हैं. संक्रमित व्यक्ति के पास खड़े हैं तो बैक्टीरिया नाक या मुंह के रास्तों से आपके शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. इसी कारण से सव्स्थ इंसान भी Viral Fever का शिकार हो जाता है.

वायरल बुखार के लक्षण ( Symptoms of viral fever)

शुरुआत में वायरल बुखार के लक्षण साधारण सर्दी-जुकाम जैसे लग सकते हैं. बच्चे को हल्की-हल्की थकान रहती है, भूख कम लगती है और कभी-कभी शरीर में दर्द होता है. कई बार तापमान 100 डिग्री तक रहता है तो घर वाले सोचते हैं कि बस मौसम का असर है. लेकिन यही लापरवाही आगे जाकर परेशानी बढ़ा देती है. असली सस्पेंस ये है कि वायरल बुखार सिर्फ बुखार तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि धीरे-धीरे शरीर के बाकी हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है.

वायरल से बच्चों को कैसे बचाएं

  • बच्चों की इम्युनिटी मजबूत रखें
  • रोजाना संतुलित खाना खिलाएं
  • फल, सब्जियां और पर्याप्त पानी पिएं
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें
  • बच्चों को बार-बार हाथ धोने की आदत लगवाएं
  • बाहर से आने के बाद हाथ धोएं
  • ठंडा खाना या पानी से दूर रहें
  • गर्म खिचड़ी, सूप जैसा हल्का खाना खिलाएं
  • बच्चों को मच्छरों से बचाएं
  • मौसम के हिसाब से बच्चों को कपड़ें पहनाएं

बच्चों में वायरल बुखार कोई साधारण बात नहीं है जिसे नजरअंदाज कर दिया जाए. शुरुआती लक्षण पहचान लेना ही सबसे बड़ा बचाव है. अगर बुखार 2-3 दिन से ज्यादा टिके या दवा देने के बाद भी आराम न मिले तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है. सही समय पर इलाज और अच्छी देखभाल से बच्चा जल्दी ठीक हो जाता है और आप बेवजह की टेंशन से बच जाते हैं.

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