13 साल की पीड़ा से मुक्ति… हरीश राणा को मिली अंतिम विदाई,

लंबे समय से गंभीर बीमारी और असहनीय दर्द से जूझ रहे हरीश राणा को आखिरकार 13 साल बाद पीड़ा से मुक्ति मिल गई। इच्छा मृत्यु (Euthanasia) की अनुमति मिलने के बाद उनका निधन हो गया, जिसके बाद बुधवार को ग्रीन पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की आंखें नम हो गईं और माहौल बेहद भावुक रहा।

अंतिम संस्कार के समय हर किसी के चेहरे पर दुख साफ झलक रहा था। परिजनों ने बताया कि हरीश राणा पिछले कई वर्षों से ऐसी स्थिति में थे, जहां वे सामान्य जीवन जीने में पूरी तरह असमर्थ हो चुके थे। लगातार इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की पीड़ा सहनी पड़ रही थी।इच्छा मृत्यु की अनुमति मिलने के बाद परिवार ने इसे उनकी पीड़ा से मुक्ति के रूप में देखा। अंतिम विदाई के दौरान लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।ग्रीन पार्क श्मशान घाट पर जैसे ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई, वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। कई लोगों ने इसे एक ऐसा फैसला बताया, जो बेहद कठिन जरूर था, लेकिन हरीश राणा के लिए राहत लेकर आया।

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