मुजफ्फरनगर में सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो वायरल करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर के ककरौली थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया पर पाकिस्तान का हिंसात्मक वीडियो और भ्रामक ऑडियो वायरल करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और हिंसा फैलाने की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी “उम्मती ग्रुप” नामक व्हाट्सएप ग्रुप सहित कई अन्य सोशल मीडिया ग्रुपों पर एक ऐसा वीडियो वायरल कर रहे थे, जिसमें खून से लथपथ बच्चों और महिलाओं के शव दिखाई दे रहे थे। साथ ही एक ऑडियो क्लिप के माध्यम से यह दावा किया गया था कि यह घटना मुरादाबाद जिले के मंसूरपुर थारक नंगला गांव की है, जहां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा मुस्लिम परिवारों की हत्या की जा रही है।पुलिस द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई। वीडियो और ऑडियो दोनों ही झूठे पाए गए, जिनका कोई संबंध भारत से नहीं था। जांच में यह भी सामने आया कि यह वीडियो पाकिस्तान का है और भारत में अफवाह फैलाने के उद्देश्य से इसे गलत विवरण के साथ शेयर किया जा रहा था। इससे पहले भी 21 जुलाई को इसी प्रकरण में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना ककरौली में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की कई धाराएं, आईटी एक्ट, यूपीसीएल एक्ट और यूएपीए की धारा शामिल हैं।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनका डिजिटल फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है। पुलिस अधीकारियों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि मुजफ्फरनगर पुलिस सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी व भ्रामक जानकारियों पर सतर्क निगरानी बनाए हुए है, जिससे जिले में सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे।

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