मुजफ्फरनगर खतौली । खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों से नियमानुसार विधिक और सर्विलांस सैंपल एकत्रित किए।सबसे पहले आईसीडीएस गोदाम, खतौली से तीन प्रकार के फोर्टीफाइड खाद्य उत्पादों – गेहूं का दलिया, रिफाइंड सोयाबीन तेल और चना दाल के सर्विलांस नमूने संग्रहित किए गए। ये नमूने पोषण आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दृष्टि से लिए गए। इन उत्पादों का उपयोग आंगनबाड़ी केंद्रों व जन वितरण प्रणाली में किया जाता है, इसलिए इनकी गुणवत्ता की जांच अत्यंत आवश्यक मानी गई।इसके पश्चात खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने मैसर्स प्रिंस एजेंसी, दयालपुरम, खतौली से अमूल ब्रांड के व्हाइट लैक्टिक बटर का एक विधिक नमूना संग्रहित किया। इस नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उत्पाद मानक अनुरूप है या नहीं।बाघरा क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई, जहां इंडियन स्वीट कॉर्नर से बर्फी का एक विधिक नमूना लिया गया। मिठाई जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच समय-समय पर की जाती है ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो। इसके साथ ही एक विधिक नमूना सौंफ का तथा एक नमूना हल्दी का भी एकत्र किया गया, जो अक्सर खुले रूप में बेचे जाते हैं और मिलावट की संभावना अधिक होती है।अभियान के अंतर्गत एफएसडब्ल्यू (फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स) वैन के माध्यम से मौके पर ही खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच की गई। वैन के माध्यम से आमजन को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी भी दी गई और उन्हें यह बताया गया कि कैसे वे रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों में मिलावट की पहचान कर सकते हैं।इस अभियान का उद्देश्य न केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना था, बल्कि आम जनता को जागरूक करना भी था, ताकि वे स्वच्छ, सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्री का ही सेवन करें। विभाग की ओर से ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रखने की बात कही गई है।















