जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ में बाढ़ ने मचाई भीषण तबाही.

जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में अचानक आई बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया. राजौरी में बाढ़ की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में फ्लैश फ्लड और खराब मौसम के कारण 10 लोगों की जान चली गई.इस तरह अब तक दोनों जिलों में कुल 11 लोगों की मौत हो चुकी है. प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं, जबकि प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है.

सैकड़ों गाड़ियां बहीं, बस स्टैंड का नामो निशान नहीं

जानकारी के मुताबिक राजौरी जिले में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है. दो मकान पूरी तरह ढह गए हैं, वहीं बेला बस स्टैंड का निचला इलाका पूरी तरह जलमग्न हो गया, जहां खड़ी कई गाड़ियां तेज बहाव में बह गईं. यह घटना तड़के करीब तीन बजे हुई. बस स्टैंड का तो अब कोई निशान तक नहीं बचा है.

पानी में बहीं कारें

जलस्तर बढ़ने के बाद यहां करीब 200 से 250 कारें बाढ़ के पानी में बह गई हैं. जिसका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में कुदरत के इस कहर को साफ देखा जा सकता है. किस तरह के कई गाड़ियां बुरी तर से क्षतिग्रस्त नजर आ रही हैं. इसके सात ही घरों को भी नुकसान पहुंचना है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है. उन्होंने बताया कि बस स्टॉप का नामो निशान मिट गया है.

एक महिला भी लापता

बाढ़ का पानी शहर के कई रिहायशी इलाकों में भी घुस गया, जिससे घरों में रखा सामान खराब हो गया और लोगों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. लोगों ने बताया कि उनका सब कुछ पानी में बह गया उनके पास कुछ नहीं बचा. लोगों का कहना है कि बादल फटने के बाद ये सैलाब आया है. उन्होंने बताया कि 1992 के बाद ऐसी आपदा आई है. बाढ़ के पानी में एक महिला भी लापता है.

घरों और दुकानों में घुसा पानी

बारिश के दौरान बाजारों में पानी भर जाने से लोगों को आने जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई जगहों पर नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा. दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठानों में घुसे पानी को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने की मांग की है.

हालात पर सीएम की नजर

इस बीच जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि वो हालात पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर एप पोस्ट शेयर करते हुए कहा ‘आज सुबह से ही मैं जम्मू के कुछ हिस्सों, खासकर राजौरी शहर और उसके आस-पास के इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश से बने हालात पर बारीकी से नजर रख रहा हूं. मैं इस इलाके के स्थानीय विधायकों के संपर्क में हूं. जैसे-जैसे हालात सामने आ रहे हैं, प्रशासन की पहली प्राथमिकता कीमती जानें बचाना है. सरकार उन प्रभावित लोगों की मदद और सहायता के लिए हर संभव कोशिश करेगी, जिनकी संपत्ति को बारिश और अचानक आई बाढ़ से नुकसान पहुंचा है’.

लोगों से सतर्क रहने की अपील

इधर जिला प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर हालात का जायजा ले रही हैं. लगातार बारिश के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. शासन ने लोगों से बेवजह यात्रा न करने की अपील की है. उन्हें नदियों, नालों और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है. पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे खतरा बना हुआ है.19 से 23 जुलाई के बीच मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है. खासतौर पर सेजम्मू मंडल के जम्मू, कठुआ, सांबा, राजौरी, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जहां मूसलाधार बारिश होने की आशंका सबसे अधिक है. जम्मू-कश्मीर की प्रमुख नदियों और पहाड़ी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है.

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