अलवर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित सरकारी ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में उपचाराधीन एक विवाहिता महिला के साथ वहां तैनात नर्सिंग स्टाफ द्वारा दुष्कर्म किए जाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर एमआईए थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना न केवल चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता भी उत्पन्न करती है।
जानकारी के अनुसार, महिला को गंभीर हालत में ईएसआई अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था। उसी दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात एक नर्सिंगकर्मी ने महिला की निर्बलता और असहायता का लाभ उठाते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने होश में आने के बाद घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है। विभागीय स्तर पर भी उच्च अधिकारियों ने जांच कमेटी गठित कर दी है।
इस घटना से अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली, सुरक्षा प्रबंधन और महिला मरीजों की गरिमा की रक्षा को लेकर गम्भीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल को, जो सामान्यत: जीवनदायिनी सेवा और भगवान के समान माने जाते हैं, वहां ऐसे अमानवीय कृत्य की कल्पना भी भयावह है। यह मामला चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत लोगों की नैतिक जिम्मेदारी की भी कठोर परीक्षा है।जनता, सामाजिक संगठन और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की है। साथ ही, मांग की गई है कि सभी अस्पतालों में महिला मरीजों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट गाइडलाइन लागू की जाए और ऐसे कर्मचारियों की नियमित निगरानी हो, जो सीधे मरीजों के संपर्क में रहते हैं।















