उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision – SIR) के तहत 6 जनवरी 2026 को पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस अभियान के दौरान प्रदेशभर में बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया, जिसमें 25 लाख से ज्यादा ऐसे नाम सामने आए हैं जो एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए। चुनाव आयोग का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले एक पारदर्शी, सटीक और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने जानकारी देते हुए बताया कि एसआईआर अभियान के जरिए यह स्पष्ट हुआ है कि उत्तर प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 12 करोड़ 55 लाख से अधिक है। इस व्यापक अभियान में प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी, 403 विधानसभा क्षेत्रों के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर, 42 असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर और 16 लाख से ज्यादा बूथ लेवल ऑफिसरों ने वॉलंटियर्स के सहयोग से सक्रिय भूमिका निभाई। घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया गया और साइन किए हुए एन्यूमरेशन फॉर्म सफलतापूर्वक एकत्र किए गए।
प्रशासन ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता को अपने नाम से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या है—जैसे नाम जोड़ना, हटाना या किसी प्रकार की त्रुटि सुधार—तो वह एक महीने के भीतर अपनी आपत्ति या दावा दर्ज करा सकता है। इसके लिए 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि इस अवधि में प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा, ताकि अंतिम सूची पूरी तरह सही और भरोसेमंद हो।
विशेष रूप से उन मतदाताओं पर ध्यान दिया जा रहा है जिनका रिकॉर्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में चुनाव आयोग की ओर से संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे, ताकि उनकी पात्रता और विवरण की जांच की जा सके। यह प्रक्रिया मतदाता सूची में फर्जी या डुप्लीकेट नामों को हटाने और वास्तविक मतदाताओं को उनका अधिकार सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
चुनाव आयोग के अनुसार, दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च 2026 को किया जाएगा। आज जारी की गई सूची में कुल 12,55,56,25 मतदाता शामिल बताए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित हो सके और चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सके।
प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपनी प्रविष्टियों की जांच करें और यदि किसी प्रकार की गलती हो तो निर्धारित तिथि के भीतर दावा या आपत्ति जरूर दर्ज कराएं, ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह सही और अद्यतन हो सके।















