FIFA World Cup 2026: मैच भले ही ड्रॉ हुआ, लेकिन जापानी फैंस ने दिल जीत लिया!

फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप-एफ (Group F) मुकाबले में नीदरलैंड और जापान के बीच खेला गया मैच भले ही 2-2 की बराबरी पर छूटा हो, लेकिन मैदान के बाहर जापानी प्रशंसकों ने अपनी संस्कृति से पूरी दुनिया का दिल जीत लिया है.

अमेरिका के डलास स्टेडियम में अंतिम सीटी बजने के बाद जहां अन्य दर्शक मैदान से बाहर निकल रहे थे, वहीं नीली जर्सी पहने सैकड़ों जापानी फैंस स्टेडियम में ही रुक गए. उन्होंने नीले रंग के प्लास्टिक बैग हाथ में लेकर स्टैंड्स में फैली गंदगी, पानी की बोतलें और खाने के रैपर्स को बेहद सलीके से साफ किया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस घटना के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसकी खेल प्रेमी जमकर सराहना कर रहे हैं.

मैदान पर दिखा रोमांच, आखिरी मिनटों में जापान ने की बराबरी

मैच की बात करें तो पहले हाफ में दोनों ही टीमें कोई भी गोल करने में नाकाम रहीं. दूसरे हाफ की शुरुआत होते ही मुकाबले का रोमांच बढ़ गया. नीदरलैंड की ओर से स्टार खिलाड़ी वर्जिल वान डाइक और क्रायसेंसियो समरविले ने गोल दागकर अपनी टीम को दो बार बढ़त दिलाईहालांकि, ‘सामुराई ब्लू’ के नाम से मशहूर जापानी टीम ने हार नहीं मानी. मैच के 88वें मिनट में दाइची कामाडा ने बॉक्स के भीतर शानदार हेडर के जरिए गोल दागकर मैच को 2-2 की बराबरी पर ला खड़ा किया. इस तरह जापान ने इस बेहद कड़े मुकाबले से एक महत्वपूर्ण अंक हासिल किया.

एक्स (X) पर वीडियो वायरल, फीफा ने भी की तारीफ

मैच खत्म होने के बाद ईएसपीएन एफसी (ESPN FC) और फुटबॉल गवर्निंग बॉडी फीफा (FIFA) सहित कई आधिकारिक हैंडल्स ने जापानी फैंस की सफाई करते हुए तस्वीरें और वीडियो साझा किए. फीफा ने अपने आधिकारिक पोस्ट में लिखा, “नीदरलैंड के साथ रोमांचक मुकाबले के बाद जापानी समर्थकों ने एक बार फिर अपनी बेदाग तहजीब का प्रदर्शन किया.सोशल मीडिया पर यूजर्स इन प्रशंसकों की नागरिक जिम्मेदारी की तारीफ कर रहे हैं. कई फुटबॉल प्रेमियों का कहना है कि जापानी फैंस कभी निराश नहीं करते और उनका यह व्यवहार खेल के नतीजों से परे सम्मान की भावना को दर्शाता है.

‘सौजी’ परंपरा: क्या है इस सफाई के पीछे की वजह?

जलाशयों या खेल के मैदानों पर सफाई करने की यह आदत जापानी समर्थकों के लिए कोई नई बात नहीं है. यह उनके देश की गहरी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जिसे जापान में ‘सौजी’ (Souji) या सामूहिक स्वच्छता की जिम्मेदारी कहा जाता है. जापान में बचपन से ही बच्चों को अपने आस-पास के सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की शिक्षा दी जाती है.जापानी प्रशंसक इस बात पर विश्वास करते हैं कि वे जिस स्थान पर जाते हैं, उसे छोड़ने से पहले उतना ही साफ या उससे भी बेहतर स्थिति में छोड़ें जैसा वह शुरुआत में था.

पहले भी कई बड़े टूर्नामेंट्स में पेश कर चुके हैं मिसाल

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मंच पर जापानी फैंस की इस परंपरा की शुरुआत साल 1998 में फ्रांस में हुए विश्व कप के दौरान हुई थी. इसके बाद साल 2014 के ब्राजील विश्व कप और साल 2022 के कतर विश्व कप के दौरान भी जापानी प्रशंसकों की इस पहल को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली थी. कतर में तो स्थिति यह थी कि जापानी प्रशंसकों ने उन मैचों के बाद भी स्टेडियम की सफाई की थी, जिनमें उनकी खुद की टीम खेल भी नहीं रही थी. केवल प्रशंसक ही नहीं, बल्कि जापान की राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी भी मैच के बाद अपने ड्रेसिंग रूम को पूरी तरह चमकाकर और वहां धन्यवाद का नोट छोड़कर जाने के लिए जाने जाते हैं.

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