पाकिस्तान में धार्मिक मामलों की शीर्ष सलाहकार संस्था ने घोषणा की है कि वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल इस्लामी कानून के खिलाफ है, खासकर अगर इसे अनैतिक या गैरकानूनी उद्देश्यों के लिए किया जाए। सरकार ने साइबर सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने के लिए VPN उपयोगकर्ताओं को पाकिस्तान टेलिकम्युनिकेशन अथॉरिटी (PTA) के साथ रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया है। धार्मिक दृष्टिकोण से इसे समाज के नैतिक ढांचे को कमजोर करने वाला बताया गया है।सरकार VPN के दुरुपयोग को राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा मानती है, जबकि आलोचक इसे इंटरनेट सेंसरशिप और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर नियंत्रण का प्रयास मानते हैं।















