नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से कृषि मंत्रालय में मुलाकात कर देश के आलू किसानों और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों की गंभीर समस्याओं को विस्तार से रखा। इस दौरान उन्होंने किसानों को आ रही आर्थिक चुनौतियों और फसलों से जुड़े संकटों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की।
मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि देश में इस समय आलू के दाम लगातार गिर रहे हैं, जिसके कारण किसानों को अपनी फसल का लागत मूल्य भी प्राप्त नहीं हो पा रहा है। मंडियों में रोजाना आलू के भाव कम होने से किसान भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कई जगहों पर किसानों को मजबूरी में औने-पौने दाम पर आलू बेचना पड़ रहा है, जिससे उनकी मेहनत और निवेश दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले समय में किसान आलू की खेती से दूरी बनाने को मजबूर हो सकते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने सरकार से आलू के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति लागू करने की मांग की, ताकि अतिरिक्त उत्पादन को विदेशी बाजारों में भेजा जा सके और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों की प्रमुख और अधिक उपज देने वाली गन्ना प्रजाति 0238 बीमारी के कारण लगभग समाप्त हो चुकी है। इस वजह से किसानों के सामने नई और उन्नत गन्ना प्रजातियों की उपलब्धता का गंभीर संकट पैदा हो गया है। किसानों को बेहतर उत्पादन और आय के लिए वैकल्पिक प्रजातियों की तत्काल आवश्यकता है।
धर्मेंद्र मलिक ने सुझाव दिया कि कोयंबटूर स्थित Sugarcane Breeding Institute के करनाल केंद्र पर विकसित गन्ने की नई प्रजातियां CO 20016 और CO 21012 को विशेष परिस्थितियों में जल्द से जल्द विमोचित किया जाए। उनका कहना था कि इन नई प्रजातियों के उपलब्ध होने से किसानों को बेहतर विकल्प मिलेंगे और गन्ना उत्पादन में स्थिरता आएगी, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो सकेगी।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोनों मुद्दों को गंभीरता से सुना और कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने और किसानों के हित में उचित कदम उठाने के निर्देश देने का आश्वासन दिया। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि आलू और गन्ना किसानों से जुड़े मुद्दों पर मंत्रालय स्तर पर विचार कर जल्द ही समाधान की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।















