राजगढ़ (अलवर) कस्बे के एक निजी गार्डन में लुपिन ह्यूमन वेलफेयर एण्ड रिसर्च फाउंडेशन, अलवर की ओर से राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर कृषक गोष्ठी एवं कृषक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि, पशुपालन और आजीविका सशक्तिकरण से जुड़ी नवीन जानकारियों से अवगत कराना रहा। आयोजन का शुभारंभ राजगढ़ उपखंड अधिकारी, कॉर्डिनेटर बायफ जे के सिंह व बलराम सोलंकी, पशुपालन अधिकारी मोहन लाल तथा संस्था के स्टेट हेड अनिल गुप्ता की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर उपखंड अधिकारी ने कृषक प्रदर्शनी का अवलोकन किया और संस्था द्वारा संचालित कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गोष्ठियां किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं से जोड़ने में सहायक होती हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि संभव है। पशुपालन अधिकारी मोहन लाल ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि संस्था स्वास्थ्य और कृषि दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने पशुओं में होने वाली मौसमी बीमारियों जैसे गलघोंटू, खुरपका-मुंहपका की रोकथाम, समय पर टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में जे के सिंह और बलराम सोलंकी ने पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान की तकनीक, इसके लाभ और इससे नस्ल सुधार व दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। संस्था के स्टेट हेड अनिल गुप्ता ने राष्ट्रीय किसान दिवस पर सभी किसानों को शुभकामनाएं देते हुए बताया कि फाउंडेशन जिले में करीब दस हजार किसानों के साथ कृषि आधारित आजीविका सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि राजगढ़ और मालाखेड़ा ब्लॉक में दो किसान उत्पादक संगठन संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से किसान संगठित होकर अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर रहे हैं और आय में बढ़ोतरी कर रहे हैं।अनिल गुप्ता ने वर्तमान परिस्थितियों में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेत में मिट्टी की जांच के बाद ही संतुलित पोषक तत्वों का उपयोग किया जाना चाहिए, जिससे उत्पादन लागत घटे और भूमि की उर्वरता बनी रहे। साथ ही किसानों से जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक राजगढ़ के क्लस्टर मैनेजर भगवान सहाय, दीपक महाजन सहित परियोजना से जुड़े सभी स्टाफ ने सक्रिय सहयोग किया। गोष्ठी में 200 से अधिक पुरुष और महिला किसानों ने भाग लेकर प्रदर्शनी और तकनीकी सत्रों का लाभ उठाया।















