यूरोप में भीषण गर्मी का कहर: फ्रांस में अलर्ट, स्पेन में फैन जोन बंद, इटली में लोग तलाश रहे राहत.

यूरोप के कई देश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं और तापमान लगातार नए रिकॉर्ड के करीब पहुंचता जा रहा है। फ्रांस, जर्मनी, इटली और स्पेन सहित कई देशों में हीटवेव ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। बढ़ते तापमान को देखते हुए सरकारें लोगों से सतर्क रहने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील कर रही हैं।

फ्रांस में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक बने हुए हैं। मौसम विभाग ने देश के 96 में से 35 क्षेत्रों में रेड हीटवेव अलर्ट जारी करने की संभावना जताई है। दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस, पेरिस और बर्गंडी क्षेत्रों में तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि कुछ इलाकों में पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। अत्यधिक गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने कई स्थानों पर विशेष सावधानियां लागू की हैं। लोगों को धूप से बचने, अधिक पानी पीने और बुजुर्गों तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। कुछ क्षेत्रों में सार्वजनिक आयोजनों और गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

जर्मनी में भी गर्मी को लेकर देशव्यापी चेतावनी जारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग और मौसम एजेंसियां नागरिकों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने के लिए लगातार जागरूक कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक अत्यधिक तापमान रहने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, विशेष रूप से बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए।

इटली में भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी रोम सहित कई शहरों में तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। रोम में ऐतिहासिक कोलोसियम देखने पहुंचे पर्यटक तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान नजर आए। कई लोगों ने राहत पाने के लिए प्राचीन क्लॉडियस मंदिर के भूमिगत हिस्सों का रुख किया, जहां तापमान अपेक्षाकृत कम था। उत्तरी इटली के बोलोग्ना शहर में भी लोग फव्वारों के पास जाकर चेहरे धोते और इमारतों की छाया में बैठकर गर्मी से बचने की कोशिश करते दिखाई दिए।

स्पेन में भी गर्मी का असर खेल आयोजनों पर पड़ रहा है। राजधानी मैड्रिड के प्लाजा डी कोलोन में बनाया गया फुटबॉल फैन जोन अत्यधिक गर्मी के कारण बंद करना पड़ा। यहां विशाल स्क्रीन पर स्पेन और सऊदी अरब के बीच होने वाला वर्ल्ड कप मुकाबला दिखाया जाना था, लेकिन सुरक्षा कारणों से आयोजन रद्द कर दिया गया। अब प्रशंसकों को अन्य स्थानों पर मैच देखना होगा।

वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप में हीटवेव की घटनाएं पहले की तुलना में अधिक बार और अधिक तीव्र रूप में सामने आ रही हैं। बढ़ती गर्मी न केवल लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है, बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। फ्रांस के केंद्रीय बैंक के गवर्नर इमैनुएल मौलिन के अनुसार अत्यधिक गर्मी से कामकाज की गति धीमी पड़ती है, उत्पादकता घटती है और बिजली की मांग तेजी से बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जलवायु परिवर्तन की गति को नियंत्रित नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसी हीटवेव और अधिक गंभीर रूप ले सकती हैं।

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