एक्सपर्ट ने बताया, सफेद से बेहतर होता है काला नमक?

नमक भारतीय खाने का एक अहम हिस्सा है. चुटकीभर नमक भी अगर किसी खाने में कम हो जाए तो स्वाद बिल्कुल ही बिगड़ जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रोजाना खाने के लिए कौन सा नमक सबसे अच्छा होता है? हाल ही में इंस्टाग्राम पर डॉक्टर अजय शर्मा ने बेस्ट नमक बताया है, जो रोजाना इस्तेमाल के लिए सबसे अच्छा है. दरअसल, बाजार में आयोडीन युक्त नमक, सेंधा नमक, समुद्री नमक और हिमालयन पिंक सॉल्ट जैसे कई ऑप्शन मौजूद हैं, जिसके कारण लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि आखिर कौन सा नमक चुनें?नमक हमारे शरीर में आयोडीन की कमी पूरा करता है. ऐसे में सही नमक का चुनाव करना बहुत जरूरी हो जाता है. आयोडीन की कमी से थायरॉइड समेत कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं कि सेहत के लिए रोजाना कौन सा नमक खाना चाहिए और क्यों?

क्या एक नमक दूसरे से ज्यादा हेल्दी होता है?

डॉ. शर्मा के अनुसार, यह मानना कि कोई एक नमक दूसरे नमक से बहुत ज्यादा बेहतर है, पूरी तरह सही नहीं है. बाजार में मिलने वाले सेंधा नमक, हिमालयन पिंक सॉल्ट, रॉक सॉल्ट या साधारण नमक में 97 से 99 प्रतिशत तक सोडियम क्लोराइड ही होता है. यानी इन सभी नमकों का Main Component लगभग एक जैसा ही है. एक्सपर्ट बताते हैं कि अलग-अलग नमकों में जो एक्सट्रा मिनरल्स होने का दावा किया जाता है, उनकी मात्रा बहुत कम होती है. कुछ नमकों में 84 मिनरल्स होने की बात कही जाती है, लेकिन ये सभी मिलकर नमक का केवल 1 प्रतिशत या उससे भी कम हिस्सा होते है. ऐसे में इन मिनरल्स का शरीर की सेहत पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता.

एक्सट्रा मिनरल्स से नहीं होगा बड़ा फायदा

डॉ. शर्मा ने इसे आसान भाषा में समझाते हुए कहा कि यह ठीक वैसा ही है जैसे सड़क पर किसी को 1 रुपये का सिक्का मिल जाए. इससे उसकी संपत्ति बढ़ तो जाती है, लेकिन इतना छोटा फायदा उसकी जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव नहीं लाता. इसी तरह नमक में मौजूद एक्सट्रा मिनरल्स भी शरीर की कुल जरूरत का 1 प्रतिशत तक पूरा नहीं कर पाते.उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति सिर्फ इन मिनरल्स के लिए ज्यादा नमक खाने लगे, तो एक्सट्रा सोडियम शरीर को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचा सकता है. ज्यादा नमक का सेवन हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है.

क्या काला नमक बेहतर ऑप्शन है?

डॉ. शर्मा के मुताबिक, काला नमक एक ऐसा नमक है जिसमें अन्य नमकों की तुलना में सोडियम की मात्रा थोड़ी कम होती है. इसमें लगभग 90 प्रतिशत सोडियम होता है, जबकि बाकी हिस्सा सल्फर यौगिकों का होता है, जो इसमें अलग सी स्मेल पैदा करता है. हालांकि सल्फर की ज्यादा मात्रा कुछ लोगों में गैस, पेट फूलना और अन्य पाचन संबंधी परेशानियां पैदा कर सकती है. इसलिए काला नमक स्वाद के लिए कभी-कभार इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन नियमित सेवन के लिए इसे सबसे अच्छा विकल्प नहीं माना जाता.

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