अलवर 3 बार 15 साल तक नगर परिषद से लेकर नगर निगम बनने तक का लंबा सफर ईमानदारी के साथ तय किया। आपको वर्तमान कार्यकाल में बहुत सी चुनौतियां मिली पर आपने अपने दृढ़ विश्वास व अपनी ईमानदार व स्वच्छ छवि से उसे हंसते हुए पार किया। आप वर्तमान कार्यकाल में पार्षद फिर उपसभापति निर्वाचित हुए उसके बाद सभापति बने। आप अलवर के प्रथम नगर निगम महापौर रहे।
आपने 2 साल 7 माह 18 दिन सभापति/महापौर के पद पर रहकर एक ईमानदार व कर्तव्य निष्ट नेता के रूप में अपना कार्यकाल पूर्ण किया। आपके पांच साल के कार्यकाल में निगम चेयरमैन से लेकर पार्षद तक रिश्वत के मामलों में जेल गए। एक वक्त ऐसा भी आया कि लोग नगर निगम को भ्रष्टाचार निगम कहने लगे लेकिन आपने उस बुरे वक्त में नगर निगम के भ्रष्टाचार वातावरण को खत्म कर भ्रष्ट अधिकारियों पर अंकुश लगाकर एक स्वच्छ छवि के नेता के रूप में ईमानदारी से काम करते हुए नगर निगम को स्वच्छ, भ्रष्टाचार रहित वातावरण देकर एक संघर्षपूर्ण कार्यकाल पूरा किया व एक ईमानदार व सादगी पूर्ण नेता की छवि आपने अलवर की जनता के दिलो में बनाई। आपका राजनैतिक जीवन सफल रहे आप जिस ईमानदारी व सादगी पूर्ण व्यक्तित्व के लिए अलवर की जनता में जाने जाते है वो ईमानदार व सादगी वाली छवि बरकरार रहे















