पेड़ों को बचाने के लिए फिर से सड़कों पर उतरे पर्यावरण प्रेमी,

देहरादून में एक बार फिर पेड़ों को बचाने के लिए पर्यावरण प्रेमी सड़कों पर उतर आए हैं। कैनाल रोड पर पेड़ों पर निशान लगाने के विरोध में प्रदर्शन किया गया।पर्यावरण प्रेमियों ने सुबह एनआईवीएच के पिछले गेट से मंदिर तक करीब एक किमी तक विरोध मार्च निकाला गया।इस दौरान कई पर्यावरण प्रेमियों और संगठनों ने मार्च में शाामिल हुए।

पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि बेशक अभी कैनाल रोड पर पेड़ों को काटने का कार्य नहीं किया जा रहा हो, लेकिन पेड़ों पर निशान लगाए जाने का कार्य यूं ही नहीं किया गया है। यह रोड चौड़ी होनी है, ऐसे में निश्चित तौर पर इसमें पेड़ों को नुकसान पहुंचेगा, इसलिए किसी भी सूरत में पेड़ों का कटान न हो इसलिए आवाज बुलंद की जा रही है।

पर्यावरण प्रेमियों ने कहा, झाझरा मसूरी, आशारोड़ी झाझरा मार्ग, देहरादून मसूरी रेल मार्ग प्रस्तावित है। जौलीग्रांट हवाई अड्डे के कारण भी पेड़ों का कटान निश्चित है। इसलिए देहरादून के वर्तमान स्वरूप को न केवल बचाना है, बल्कि पेड़ों को लगाकर पुराने देहरादून के वजूद को वापस लाना है। पर्यावरण प्रेमियों ने हरियाली के प्रति जागरूक किया। देहरादून बचाओ पेड़ लगाओ, हरा दून आदि नारे लगाए गए।

इस दौरान रवि चोपड़ा ने लोगो को सावधान करते हुए कहा कि लोग सावधान रहें देहरादुन में जहां पेड़ कट रहे हो वहां विरोध दर्ज करें। उन्होंने कहा कि आने वाले निकाय चुनावों में उन्ही लोगो को चुने जो लोग पर्यावरण प्रेमी हो। समाज सेवी अनूप नौटियाल ने ग्रीन देहरादुन के बारे में जोर दिया।

कहा कि विकास के नाम पर विनाश नही होना चाहिए। जगमोहन मेंदीरत्ता ने सरकार कि मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कैनाल रोड में पेड़ों पर नंबर व निशान क्यों लगाए गए। अगर मंशा पेड़ो को काटना नही था तो अब जनदबाव के कारण पेड़ों पर नम्बर पेंट क्यो किया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान त्रिलोचन भट्ट समेत टीम ने जनगीत के जरिए लोगों को अवेयर किया है।

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