दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही झटका लग सकता है, क्योंकि सरकार बिजली दरों में बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बढ़ती लागत और बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कोयले और अन्य ईंधनों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लागत में वृद्धि हुई है। इसके चलते टैरिफ संशोधन की जरूरत पड़ रही है।
मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि आम जनता पर अधिक भार न पड़े, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में टैरिफ में वृद्धि अपरिहार्य लग रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सब्सिडी योजना में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा और जो उपभोक्ता मुफ्त या रियायती दरों पर बिजली पा रहे हैं, उन्हें राहत मिलती रहेगी। हालांकि, बढ़े हुए टैरिफ का असर व्यावसायिक और बड़े घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
इस फैसले के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में सत्ता में आने के बाद भाजपा अब आम जनता की जेब पर बोझ डाल रही है। वहीं, कांग्रेस ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि बिजली के दाम बढ़ाने से दिल्ली के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा।
सरकार की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नई दरें कब से लागू होंगी और बढ़ोतरी कितनी होगी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अगर प्रस्ताव पास हो जाता है, तो दिल्लीवासियों को आने वाले महीनों में महंगी बिजली का सामना करना पड़ सकता है।















