बांदा। प्रदेश की योगी सरकार अब तकनीकी रूप से ष्सवेरा योजनाष् के जरिए बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही सम्मान देने का काम कर रही है। और इस योजना के अंतर्गत जिले के बुजुर्ग रजिस्ट्रेशन कराकर इस योजना से जुड़ चुके हैं। और पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाकर बुजुर्गों को सवेरा योजना से जुड़ने और रजिस्ट्रेशन कराने को लेकर जागरूक भी किया जा रहा है। और इस योजना के अंतर्गत बुजुर्ग या वरिष्ठजन पुलिस को अपनी समस्या बातकर समस्या से राहत भी पा रहे हैं। और बुजुर्गों की सहायता, सम्मान व संवाद का यह एक अच्छा जरिया है। जिसके जरिए पुलिस और बुजुर्गों में आत्मीय रिश्ता भी बन रहा है। दरअसल जैसे-जैसे समय बदल रहा है उसके साथ तकनीकी अब केवल युवाओं तक ही सीमित नहीं रही बल्कि अब बुजुर्गों की जिंदगी में भी सूरज की किरण बनकर उभर रही है। और इसका ताजा उदाहरण है उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग की सवेरा योजना जिसमें जिले के 13885 बुजुर्गों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है। और अपना रजिस्ट्रेशन कराकर इस योजना से सीधे जुड़ चुके हैं। सवेरा योजना बुजुर्गों की सुरक्षा, सहायता और संवाद का एक बेहतर माध्यम है। और पुलिस भी अब इस योजना के जरिए बुजुर्गों से आत्मीय रिश्ता बना रही है। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने बुजुर्गों व वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस योजना को शुरू किया है। और इस योजना से जुड़कर बुजुर्ग व वरिष्ठ जन डायल 112 डायल कर पुलिस को सीधे अपनी समस्या बता सकते हैं। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति में वे पुलिस से मदद मांग सकते हैं और सीधे तौर पर पुलिस से संपर्क बनाए रख सकते हैं। यह योजना एकांकी बुजुर्गों के लिए एक बड़ा सहारा है। वहीं इस योजना को लेकर बुजुर्गों में काफी सकारात्मकता भी देखने को मिल रही है और लोग इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और लगातार जुड़ रहे हैं। वहीं पुलिस लगातार इस योजना के प्रति बुजुर्ग व वरिष्ठ जनों को जागरूक करने का काम कर रही है। सवेरा योजना के संबंध में जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि जनपद के बुजुर्ग जैसे पेंशनर, भूतपूर्व सैनिक व अन्य वरिष्ठजन इस योजना से लगातार जुड़ रहे हैं। और अब तक 13885 लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं और जैसे ही वह डायल 112 फोन लगाते हैं वैसे ही पुलिस प्रमुखता से उनकी समस्या को देखती हैं। और उनके पास पहुंचकर समस्या का हल करती है। और यह योजना एकांकी बुजुर्गों के लिए एक बड़ा सहारा है और कहा जाए तो यह बुजुर्गों के लिए एक लाइफ लाइन भी है। इन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा फायदा अकेले रहने वाले बुजुर्गों को है। जो अपनी समस्याओं के साथ साथ इस योजना से जुड़कर अपनी दवाई या अन्य बेहद जरूरी सामान तक मंगा सकते हैं। और अगर डायल 112 को कॉल करने के बाद उनकी पुलिस से बात भी न हो या फिर सिर्फ मिस कॉल ही डायल 112 पर पहुंच जाती है। तो पुलिस तुरंत प्राथमिकता से उनसे संपर्क करती है और उनके पास पहुंचकर उनकी समस्या का निस्तारण करने का काम करती है।















