मालाखेड़ा। उपखंड क्षेत्र सहित जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों की ड्यूटी बिना शिक्षा विभाग की अनुमति के एग्रिस्टिक शिविरों में लगा दी गई है। इस निर्णय के कारण स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा पूरी तरह से प्रभावित हो रही है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

राजस्व विभाग द्वारा आयोजित किसान एग्रिस्टिक शिविरों में शिक्षा विभाग से अनुमति लिए बिना ही कंप्यूटर शिक्षकों को तैनात कर दिया गया है। इस फैसले का असर मालाखेड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय के अधीन आने वाले कई सरकारी स्कूलों पर पड़ा है, जिनमें राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल काली पहाड़ी, भंडोडी, मालाखेड़ा, कलसाड़ा, केरवावाल, बड़ेर, महुआ खुर्द और माधोगढ़ शामिल हैं। इन स्कूलों की कंप्यूटर लैब खाली पड़ी हैं, जिससे बच्चे अध्ययन से वंचित हो रहे हैं।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मालाखेड़ा भगवान सहाय शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से इस तरह का कोई आदेश नहीं दिया गया है। बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं और ऐसे में कंप्यूटर शिक्षा प्रभावित होना गंभीर चिंता का विषय है। राजस्व विभाग ने शिक्षकों की ड्यूटी सीधे ही शिविरों में लगा दी है, जबकि शिक्षा विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई। यह कदम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।
बोर्ड परीक्षाएं 6 मार्च से शुरू हो रही हैं, ऐसे में कंप्यूटर शिक्षा से वंचित रहने के कारण विद्यार्थियों की ग्रेडिंग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ग्रेड के आधार पर अंक निर्धारित होने की प्रणाली में कंप्यूटर विषय के कम अंक आने से विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।















