प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने रियल एस्टेट कंपनी पीयूष कॉलोनाइजर्स लिमिटेड पर बड़ा एक्शन लिया है. ED ने रियल एस्टेट कंपनी और उनके प्रमोटर्स पर शिकंजा कसते हुए 944 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी तौर पर अटैच कर लिया है. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत की गई है. जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनमें प्रोजेक्ट की जमीन, फ्लैट्स, कृषि भूमि और कमर्शियल स्पेस शामिल हैं, जो हरियाणा के फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी और भिवाड़ी में स्थित हैं.ED की जांच के मुताबिक, पलवल में करीब 63 एकड़, भिवाड़ी में 62 एकड़, धारूहेड़ा में 7 एकड़ जमीन और फरीदाबाद में करीब 19 हजार स्क्वायर फीट का कमर्शियल स्पेस इस अटैचमेंट में शामिल है. एजेंसी का कहना है कि ये सभी संपत्तियां अवैध तरीके से अर्जित की गई रकम से जुड़ी हुई हैं. इस मामले में ED ने 30 मार्च 2026 को गुरुग्राम स्थित विशेष PMLA कोर्ट में एक चार्जशीट भी दाखिल की है, जिसमें पियूष कॉलोनाइजर्स के पूर्व प्रमोटर अमित गोयल समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. जांच की शुरुआत हरियाणा पुलिस, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और CBI द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी. इन मामलों में आरोप है कि कंपनी के प्रमोटर्स ने साजिश रचकर हजारों होमबायर्स से पैसे लिए लेकिन उन्हें समय पर फ्लैट्स नहीं दिए.
अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में 1500 से ज्यादा बायर्स फंसे
बताया जा रहा है कि पीयूष ग्रुप के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में 1500 से ज्यादा बायर्स फंसे हुए हैं. आरोप है कि खरीदारों से लिए गए पैसे को प्रोजेक्ट पूरा करने की बजाय दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया और नई जमीनों में निवेश किया गया. इससे पुराने प्रोजेक्ट्स अधूरे रह गए और लोगों को उनका घर नहीं मिल पाया. इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी के प्रमोटर्स ने अपनी फैमिली मेंबर्स के नाम पर शेयर ट्रांसफर करके प्रोजेक्ट की जमीनों को अपने कब्जे से बाहर दिखाने की कोशिश की, ताकि होमबायर्स को धोखा दिया जा सके, खासकर तब जब कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) चल रही थी.
बायर्स की परेशानी का अभी नहीं हुआ समाधान
गौरतलब है कि पियूष कॉलोनाइजर्स लिमिटेड साल 2019 में दिवालिया प्रक्रिया में चली गई थी, लेकिन अब तक उसका कोई समाधान प्लान मंजूर नहीं हो पाया है, जिससे बायर्स की परेशानी लगातार बनी हुई है. फिलहाल ED इस पूरे मामले में आगे की जांच कर रही है और आने वाले समय में और भी खुलासे हो सकते हैं.















