ई-रिक्शा चोरी गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार, एक फरार

बांदा। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में अपराधियों की धरपकड़ और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना कोतवाली देहात पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी फरार है। यह कार्रवाई मुखबिर की सटीक सूचना और पुलिस की त्वरित घेराबंदी के चलते संभव हुई।

घटना की शुरुआत 25/26 जुलाई 2025 की रात हुई, जब सिविल लाइन निवासी छोटे लाल और खाईपार निवासी सुखराम के ई-रिक्शा चोरी हो गए। छोटे लाल का ई-रिक्शा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे महोखर के पास से और सुखराम का ई-रिक्शा ददरिया मोड़ के पास से चार अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चोरी कर लिया गया। पीड़ितों की शिकायत पर थाना कोतवाली देहात में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।पुलिस को 11 अगस्त की रात गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि जमालपुर-महोखर नहर पुलिया के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल और ई-रिक्शा के साथ मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी अखिलेश वर्मा के पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुए।

पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने पहला ई-रिक्शा चोरी करने के लिए 200 रुपये किराए पर बांदा स्टेशन से जौरही जाने का नाटक किया। रास्ते में ददरिया मोड़ पर जब चालक पेशाब करने के लिए उतरा, तो वे ई-रिक्शा लेकर फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने दूसरा ई-रिक्शा चोरी करने के लिए 700 रुपये किराए में बरगहनी जाने की बात कही। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर चालक के पेशाब के लिए उतरते ही वे यह ई-रिक्शा भी लेकर चले गए।

चोरी के बाद आरोपियों ने ई-रिक्शा को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दिया और उसमें लगी बैटरियां निकालकर बेचने की योजना बनाई। वे इन्हीं बैटरियों को राजू प्रजापति को बेचने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अखिलेश वर्मा पुत्र संतोष वर्मा निवासी मवई बुजुर्ग, पवन कुमार वर्मा पुत्र राजू वर्मा निवासी मवई बुजुर्ग, अजय कुमार वर्मा पुत्र मूलचन्द्र वर्मा निवासी पिपहरी थाना पैलानी और राजू प्रजापति पुत्र चुन्नीलाल प्रजापति निवासी मवई बुजुर्ग के रूप में हुई है। गिरोह का एक अन्य सदस्य इन्द्रभवन निषाद फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी की घटनाओं के लिए पहले मोटरसाइकिल से अलग-अलग जगह रेकी करते थे और मौका पाते ही वारदात को अंजाम देते थे। फिलहाल आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

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