सहफसली खेती से तीन गुना आय: जिलाधिकारी ने किया खेत का निरीक्षण

मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी ने जानसठ विकासखंड के ग्राम खुझेडा में प्रगतिशील किसान सुशील कुमार के खेत का निरीक्षण किया। उन्होंने 6 एकड़ भूमि पर की जा रही सहफसली खेती का अवलोकन किया। सुशील कुमार ने बताया कि वे 1 एकड़ पर गन्नाउर्द, 1 एकड़ पर गन्नाप्याज, 1 एकड़ पर गन्नागेंदे की सहफसली खेती और शेष 3 एकड़ में गन्ना भिंडी की एकल फसल ले रहे हैं।उनके अनुसार, गन्नाउर्द की फसल से गन्ने से लगभग 40 हजार और उर्द से 30 से 40 हजार रुपये मात्र तीन माह में प्राप्त होते हैं। इस पद्धति से अतिरिक्त उर्वरक पानी की आवश्यकता नहीं होती, जिससे लागत घटती है और खरपतवार नियंत्रण में भी सहायता मिलती है। गन्नाप्याज से प्रति एकड़ 70 से 80 हजार की आमदनी हो रही है, जबकि केवल गन्ने से यह आय 40 से 50 हजार तक सीमित रहती है।गन्नागेंदा की खेती से गेंदे के फूलों से प्रति एकड़ लगभग 1 लाख रुपये की आमदनी होती है। इससे किसान की कुल आय तीन गुना तक बढ़ गई है। साथ ही, परिवार के 4 से 5 सदस्यों को पूरे वर्ष रोजगार मिल रहा है। गांव के 40 से 50 किसान अब इस मॉडल को अपना चुके हैं।जिलाधिकारी ने इस मॉडल की सराहना करते हुए कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि कम से कम 100 किसानों को सहफसली खेती के लाभ से अवगत कराएं और सुशील कुमार जैसे प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाए।

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