मुजफ्फरनगर न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों द्वारा कुल 6,306 दंडनीय फौजदारी और 47 दीवानी मामलों का निस्तारण किया गया। फौजदारी वादों में 9,34,460 रुपये का अर्थदण्ड वसूला गया, जबकि दीवानी वादों में 1,68,000 रुपये का उत्तराधिकार व अनुतोष राशि प्रदान की गई।जिलाधिकारी के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों द्वारा 16,331 राजस्व मामलों का निस्तारण करते हुए 99,44,233 रुपये का राजस्व वसूला गया। वहीं, विभिन्न बैंकों के 731 ऋण मामलों का सेटलमेंट कर लगभग 5,43,77,000 रुपये की धनराशि वसूली गई।
इस अवसर पर जिला बार संघ और सिविल बार संघ के पदाधिकारी, अपर जिला जज, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायिक अधिकारीगण, बैंक अधिकारी और बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में न्यायालय और बैंकिंग अधिकारियों ने मिलकर मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया और वादकारियों को राहत प्रदान की।राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से फौजदारी, दीवानी, राजस्व और बैंक ऋण मामलों में पारदर्शिता और शीघ्र न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। इससे न केवल वादकारियों को राहत मिली बल्कि सरकारी और बैंकिंग राजस्व की वसूली में भी बड़ी सफलता प्राप्त हुई।कार्यक्रम ने न्यायपालिका, राजस्व विभाग और बैंकों के समन्वय की प्रभावशीलता को उजागर किया और क्षेत्र के नागरिकों के लिए न्याय प्रक्रिया को आसान और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।















