तमिलनाडु के मदुरई में 5 अक्टूबर 2024 को शुरू हुए तीन दिवसीय “जॉइंट एक्शन कौंसिल ऑफ तमिलनाडु फार्मर्स एसोसिएशन” के सम्मेलन में देशभर के किसान नेताओं और संगठनों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा करना और उनके समाधान के लिए रणनीति तैयार करना था। इस आयोजन के प्रमुख विषयों में मुख्य फसलों, फल-सब्जियों, दूध, और शहद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग, जल प्रबंधन, कृषि सुधार, और बाजार हस्तक्षेप योजना को प्रभावी बनाने पर चर्चा शामिल थी।
सम्मेलन में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया कि औसत बाजार भाव और लक्षित भाव के बीच के अंतर को किसानों को सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भुगतान किया जाए। इसके अलावा, भारतीय प्रशासनिक सेवा की तरह एक केंद्रीय भारतीय कृषि सेवा का कैडर बनाने की भी बात उठाई गई।इस सम्मेलन का आयोजन जॉइंट एक्शन कौंसिल के चेयरमैन डी. गुरुस्वामी द्वारा किया गया था, जिसमें भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, जल पुरुष राजेंद्र सिंह, पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान, और किसान नेता सरदार बी.एम. सिंह सहित देशभर के किसान नेताओं ने भाग लिया।
















